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Noida News: लोन दिलाने के नाम पर ठगी के आरोपी को जमानत नहीं
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। साइबर ठगी के आरोपी हिमांशु दुबे की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी। 15 दिसंबर को साइबर क्राइम टीम को एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी मिली थी। इसमें से एक मोबाइल नंबर हिमांशु दुबे के नाम पर पंजीकृत पाया गया। इसके बाद पुलिस ने नोएडा सेक्टर-50 से उसे गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें व्हाट्सएप चैट, फर्जी लोन सैंक्शन लेटर और कई पीड़ितों के दस्तावेज थे। आरोपी ने कबूल किया कि साथियों हिमांशु गुर्जर, सुमित और गगन के साथ मिलकर वह ठगी करता था। चारों पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग और अन्य शुल्क के नाम पर पैसे वसूलते थे। रकम मिलने के कुछ दिन बाद वे पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे। गिरोह ने तीन लाख रुपये से अधिक की ठगी की है। मामले में आरोपी के भाई तुषार दुबे के खाते में भी ठगी की रकम ट्रांसफर होने के साक्ष्य मिले हैं। पीड़िता जियाना ने बयान दिया कि आरोपी के मोबाइल नंबर से कॉल कर उसे लोन दिलाने का झांसा दिया गया और 1,10,500 रुपये की ठगी की गई थी।
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ग्रेटर नोएडा। साइबर ठगी के आरोपी हिमांशु दुबे की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी। 15 दिसंबर को साइबर क्राइम टीम को एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी मिली थी। इसमें से एक मोबाइल नंबर हिमांशु दुबे के नाम पर पंजीकृत पाया गया। इसके बाद पुलिस ने नोएडा सेक्टर-50 से उसे गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें व्हाट्सएप चैट, फर्जी लोन सैंक्शन लेटर और कई पीड़ितों के दस्तावेज थे। आरोपी ने कबूल किया कि साथियों हिमांशु गुर्जर, सुमित और गगन के साथ मिलकर वह ठगी करता था। चारों पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग और अन्य शुल्क के नाम पर पैसे वसूलते थे। रकम मिलने के कुछ दिन बाद वे पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे। गिरोह ने तीन लाख रुपये से अधिक की ठगी की है। मामले में आरोपी के भाई तुषार दुबे के खाते में भी ठगी की रकम ट्रांसफर होने के साक्ष्य मिले हैं। पीड़िता जियाना ने बयान दिया कि आरोपी के मोबाइल नंबर से कॉल कर उसे लोन दिलाने का झांसा दिया गया और 1,10,500 रुपये की ठगी की गई थी।

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