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Noida News: इंजन में खराबी से एयरक्रॉफ्ट के नहीं उडने पर नहीं मिलेगा मुआवजा
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जिला उपभोक्ता आयोग
नोएडा के सेक्टर-11 निवासी विनय कृष्ण चतुर्वेदी ने दायर किया था वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। इंजन में खराबी आने से एयरक्राफ्ट के नहीं उडने पर यात्रियों को किसी भी तरह का मुआवजा नहीं मिलेगा। मुआवजा नहीं देने के एमिरेट्स एयरलाइंस के फैसले को जिला उपभोक्ता आयोग ने सही ठहराया है। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई के बाद मुआवजा के लिए दायर वाद को खारिज कर दिया।
नोएडा के सेक्टर-11 निवासी विनय कृष्ण चतुर्वेदी और उनके बेटा ने 26 जून, 2024 को लंदन से दिल्ली के लिए दुबई होते हुए टिकट बुक की थी। 26 जून, 2024 को लंदन से दुबई की एयरक्राफ्ट तय समय पर सात बजे उतर गई। दुबई एयरपोर्ट पर ओवरटाइम दो घंटे का था। सुबह नौ बजे इंडिया के लिए एयरक्राफ्ट को रवाना होना था। वह और उनको बेटे 9 से 12.30 बजे तक एयरक्राफ्ट में ही बैठे रहे। बाद में पता चला कि इंजन की खराबी के कारण एयरक्राफ्ट नहीं उड़ेगी। दिल्ली के लिए दूसरी फ्लाइट में बोडिंग पांच घंटे की देरी से हुई, जो एयरलाइंस की सेवा में कमी है। इस दौरान उनको पानी, खाना और आराम से बैठने के लिए लॉज की सुविधाएं भी नहीं दी गईं, जिससे काफी दिक्कतें हुई।
35 लाख रुपये मुआवजे की लगाई थी गुहार
इस मामल में उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था और देरी के कारण हुई परेशानी के लिए 30 लाख रुपये और मानसिक संताप के पांच लाख रुपये दिलाने की गुहार लगाई थी। सुनवाई के दौरान एयरलाइंस ने कहा कि शिकायतकर्ता को पैसे का नुकसान नहीं हुआ। कानूनन यात्री कैरिज बाय एयर एक्ट 1972 के अनुसार सिर्फ सामान या यात्री के शरीर को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाता है न की मानसिक ट्रॉमा का।
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नोएडा के सेक्टर-11 निवासी विनय कृष्ण चतुर्वेदी ने दायर किया था वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। इंजन में खराबी आने से एयरक्राफ्ट के नहीं उडने पर यात्रियों को किसी भी तरह का मुआवजा नहीं मिलेगा। मुआवजा नहीं देने के एमिरेट्स एयरलाइंस के फैसले को जिला उपभोक्ता आयोग ने सही ठहराया है। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई के बाद मुआवजा के लिए दायर वाद को खारिज कर दिया।
नोएडा के सेक्टर-11 निवासी विनय कृष्ण चतुर्वेदी और उनके बेटा ने 26 जून, 2024 को लंदन से दिल्ली के लिए दुबई होते हुए टिकट बुक की थी। 26 जून, 2024 को लंदन से दुबई की एयरक्राफ्ट तय समय पर सात बजे उतर गई। दुबई एयरपोर्ट पर ओवरटाइम दो घंटे का था। सुबह नौ बजे इंडिया के लिए एयरक्राफ्ट को रवाना होना था। वह और उनको बेटे 9 से 12.30 बजे तक एयरक्राफ्ट में ही बैठे रहे। बाद में पता चला कि इंजन की खराबी के कारण एयरक्राफ्ट नहीं उड़ेगी। दिल्ली के लिए दूसरी फ्लाइट में बोडिंग पांच घंटे की देरी से हुई, जो एयरलाइंस की सेवा में कमी है। इस दौरान उनको पानी, खाना और आराम से बैठने के लिए लॉज की सुविधाएं भी नहीं दी गईं, जिससे काफी दिक्कतें हुई।
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35 लाख रुपये मुआवजे की लगाई थी गुहार
इस मामल में उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था और देरी के कारण हुई परेशानी के लिए 30 लाख रुपये और मानसिक संताप के पांच लाख रुपये दिलाने की गुहार लगाई थी। सुनवाई के दौरान एयरलाइंस ने कहा कि शिकायतकर्ता को पैसे का नुकसान नहीं हुआ। कानूनन यात्री कैरिज बाय एयर एक्ट 1972 के अनुसार सिर्फ सामान या यात्री के शरीर को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाता है न की मानसिक ट्रॉमा का।