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व्यवस्था में बदलाव स्टाम्प वेंडरों पर पड़ रहा भारी : 10 से 500 रुपये के स्टांप पर नहीं बन रहे शपथ-पत्र
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एआईजी कार्यालय में मौजूद स्टाम्प वेंडर
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ई-स्टांप पेपर की बिक्री को लेकर व्यवस्था में बदलाव होने से स्टांप वेंडरों में नाराजगी बनी हुई है। 10 से 500 रुपये तक के स्टांप पेपर पर अब क्रेता और विक्रेता दोनाें की जानकारी, जमीन की जानकारी भरनी अनिवार्य कर दी गई है। व्यवस्था में नए बदलाव से शपथ-पत्र, नाम बदलने, पावर आफ अटार्नी समेत छोटे-मोटे कानूनी कामों में अड़चन शुरू हो गई है।
सेक्टर-33ए स्थित निबंधन विभाग में मंगलवार को हलफनामा बनवाने आए लोगों को तीसरी पार्टी न होने कारण स्टाम्प न निकलने जैसी परेशानी उठानी पड़ी। नोएडा बार एसोसिएशन (एडवोकेट एवं डीड राइटर्स) के अध्यक्ष प्रवीन डेढ़ा ने सभी स्टांप वेंडरों के आग्रह पर एआइजी (सहायक महानिरीक्षक द्वितीय) के नाम ज्ञापन सौंपा। बता दें कि नोएडा बार एसोसिएशन ने स्टांप की बिक्री को लेकर नई व्यवस्था का खुलकर विरोध किया है। वकीलों और दस्तावेज लेखकों (बैनामा लेखकों) ने एआईजी के नाम ज्ञापन सौंपा है। वकीलों का कहना है कि छोटे स्टांप पेपर पर दोनों पक्षों की जानकारी मांगना न सिर्फ अव्यवहारिक है बल्कि पूरी व्यवस्था को ठप करने का कदम है। सभी स्टांप वेंडर स्टॉक होल्डिंग कारपोरेशन के अंतर्गत काम करते हैं। वेंडरों की शिकायत है कि बिजली कटने या तकनीकी खराबी की वजह से स्टांप प्रिंट नहीं होता और गलती सुधारने में घंटों लग जाते हैं। कारपोरेशन की मनमानी से आम जनता, वकील और वेंडर तीनों परेशान हैं। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण डेढ़ा ने कहा कि सरकारी व्यवस्था का मकसद लोगों का काम आसान करना है, न कि उन्हें परेशान करना। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर समस्या का तुरंत समाधान नहीं निकाला गया तो स्टांप विक्रेताओं के साथ मिलकर हड़ताल करने को मजबूर होंगे।
कोट्स
चार जून से 10 से 500 रुपये तक के स्टांप में बदलाव किया गया है, तब से कई ग्राहकों के काम नहीं हो सके। -सतेंद्र सिंह, स्टांप वेंडर
हम चाहते हैं जो बदलाव किया गया है उसमें संशोधन करते हुए अनिवार्यता की जगह विकल्प की व्यवस्था हो। -राधे श्याम गुप्ता, स्टांप वेंडर
जो अपने बेटे का चरित्र प्रमाणपत्र बनवाना चाहता है, वह दूसरी पार्टी कहां से लाएगा, पहले ऐसी बाध्यता नहीं थी। -सुरेंद्र शर्मा, स्टांप वेंडर
हमने स्टांप वेंडरों की मांग व समस्याओं को लेकर एआईजी को ज्ञापन सौंपा है। सोमवार तक व्यवस्था बहाल न होने पर हड़ताल पर जा सकते हैं। -प्रवीन डेढ़ा, अध्यक्ष, नोएडा बार एसोसिएशन
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ई-स्टांप पेपर की बिक्री को लेकर व्यवस्था में बदलाव होने से स्टांप वेंडरों में नाराजगी बनी हुई है। 10 से 500 रुपये तक के स्टांप पेपर पर अब क्रेता और विक्रेता दोनाें की जानकारी, जमीन की जानकारी भरनी अनिवार्य कर दी गई है। व्यवस्था में नए बदलाव से शपथ-पत्र, नाम बदलने, पावर आफ अटार्नी समेत छोटे-मोटे कानूनी कामों में अड़चन शुरू हो गई है।
सेक्टर-33ए स्थित निबंधन विभाग में मंगलवार को हलफनामा बनवाने आए लोगों को तीसरी पार्टी न होने कारण स्टाम्प न निकलने जैसी परेशानी उठानी पड़ी। नोएडा बार एसोसिएशन (एडवोकेट एवं डीड राइटर्स) के अध्यक्ष प्रवीन डेढ़ा ने सभी स्टांप वेंडरों के आग्रह पर एआइजी (सहायक महानिरीक्षक द्वितीय) के नाम ज्ञापन सौंपा। बता दें कि नोएडा बार एसोसिएशन ने स्टांप की बिक्री को लेकर नई व्यवस्था का खुलकर विरोध किया है। वकीलों और दस्तावेज लेखकों (बैनामा लेखकों) ने एआईजी के नाम ज्ञापन सौंपा है। वकीलों का कहना है कि छोटे स्टांप पेपर पर दोनों पक्षों की जानकारी मांगना न सिर्फ अव्यवहारिक है बल्कि पूरी व्यवस्था को ठप करने का कदम है। सभी स्टांप वेंडर स्टॉक होल्डिंग कारपोरेशन के अंतर्गत काम करते हैं। वेंडरों की शिकायत है कि बिजली कटने या तकनीकी खराबी की वजह से स्टांप प्रिंट नहीं होता और गलती सुधारने में घंटों लग जाते हैं। कारपोरेशन की मनमानी से आम जनता, वकील और वेंडर तीनों परेशान हैं। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण डेढ़ा ने कहा कि सरकारी व्यवस्था का मकसद लोगों का काम आसान करना है, न कि उन्हें परेशान करना। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर समस्या का तुरंत समाधान नहीं निकाला गया तो स्टांप विक्रेताओं के साथ मिलकर हड़ताल करने को मजबूर होंगे।
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चार जून से 10 से 500 रुपये तक के स्टांप में बदलाव किया गया है, तब से कई ग्राहकों के काम नहीं हो सके। -सतेंद्र सिंह, स्टांप वेंडर
हम चाहते हैं जो बदलाव किया गया है उसमें संशोधन करते हुए अनिवार्यता की जगह विकल्प की व्यवस्था हो। -राधे श्याम गुप्ता, स्टांप वेंडर
जो अपने बेटे का चरित्र प्रमाणपत्र बनवाना चाहता है, वह दूसरी पार्टी कहां से लाएगा, पहले ऐसी बाध्यता नहीं थी। -सुरेंद्र शर्मा, स्टांप वेंडर
हमने स्टांप वेंडरों की मांग व समस्याओं को लेकर एआईजी को ज्ञापन सौंपा है। सोमवार तक व्यवस्था बहाल न होने पर हड़ताल पर जा सकते हैं। -प्रवीन डेढ़ा, अध्यक्ष, नोएडा बार एसोसिएशन
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