{"_id":"69d8fd589ef8dea0b40e027f","slug":"residents-refused-to-take-over-from-the-builder-management-noida-news-c-23-1-lko1064-92000-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: निवासियों ने बिल्डर प्रबंधन से हैंडओवर लेने से किया इन्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: निवासियों ने बिल्डर प्रबंधन से हैंडओवर लेने से किया इन्कार
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राधिकरण के नक्शे में पूरी परियोजना एक, इसे दो हिस्सों में बांटना गलत : सोसाइटीवासी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित निराला एस्टेट सोसाइटी के फेज एक के निवासियों ने बिल्डर प्रबंधन से हैंडओवर लेने से इन्कार कर दिया। निवासियों का कहना है कि यह पूरी परियोजना एक ही है, जिसे बिल्डर ने फेज-1 और फेज-2 में विभाजित कर रखा है। ऐसे में दोनों फेज के लिए एक ही एओए का गठन होना चाहिए। लोगों ने कहा कि अधूरे काम पूरे होने के बाद ही हैंडओवर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
निवासी सौरव कुमार ने बताया कि फेज-1 के लोग लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं जबकि फेज-2 में करीब दो साल पहले लोग बसना शुरू हुए। आरोप है कि बिल्डर प्रबंधन फेज-1 के लोगों पर अलग एओए बनाकर हैंडओवर लेने का दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्राधिकरण के नक्शे में पूरी परियोजना एक है, तो इसे दो हिस्सों में बांटना गलत है। ऐसे में दोनों फेज की एक संयुक्त एओए बनाई जानी चाहिए, तभी हैंडओवर लिया जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -
क्लब हाउस और स्विमिंग पूल को लेकर भी विवाद
फेज-एक के लोगों का आरोप है कि बिल्डर ने हैंडओवर से पहले बड़े क्लब हाउस और स्विमिंग पूल की सुविधा देने का वादा किया था, जिसे फेज-2 में बनाकर तैयार भी किया गया, लेकिन अब फेज-1 के लोगों को उसका उपयोग करने नहीं दिया जा रहा है। बावजूद उनसे हर महीने 500 रुपये क्लब शुल्क लिया जा रहा है। फेज एक के लोगों के अनुसार फेज-2 के कुछ लोगों का कहना है कि यह सुविधाएं उनके लिए विकसित की गई हैं। फेज-1 के लोगों का उस पर अधिकार नहीं है। लंबे समय से इस मुद्दे पर विवाद चल रहा है। हालांकि एस्टेट मैनेजर अजय सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। सिंह ने कहा कि क्लब हाउस का उपयोग दोनों फेज के निवासी कर रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- --
Trending Videos
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित निराला एस्टेट सोसाइटी के फेज एक के निवासियों ने बिल्डर प्रबंधन से हैंडओवर लेने से इन्कार कर दिया। निवासियों का कहना है कि यह पूरी परियोजना एक ही है, जिसे बिल्डर ने फेज-1 और फेज-2 में विभाजित कर रखा है। ऐसे में दोनों फेज के लिए एक ही एओए का गठन होना चाहिए। लोगों ने कहा कि अधूरे काम पूरे होने के बाद ही हैंडओवर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
निवासी सौरव कुमार ने बताया कि फेज-1 के लोग लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं जबकि फेज-2 में करीब दो साल पहले लोग बसना शुरू हुए। आरोप है कि बिल्डर प्रबंधन फेज-1 के लोगों पर अलग एओए बनाकर हैंडओवर लेने का दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्राधिकरण के नक्शे में पूरी परियोजना एक है, तो इसे दो हिस्सों में बांटना गलत है। ऐसे में दोनों फेज की एक संयुक्त एओए बनाई जानी चाहिए, तभी हैंडओवर लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्लब हाउस और स्विमिंग पूल को लेकर भी विवाद
फेज-एक के लोगों का आरोप है कि बिल्डर ने हैंडओवर से पहले बड़े क्लब हाउस और स्विमिंग पूल की सुविधा देने का वादा किया था, जिसे फेज-2 में बनाकर तैयार भी किया गया, लेकिन अब फेज-1 के लोगों को उसका उपयोग करने नहीं दिया जा रहा है। बावजूद उनसे हर महीने 500 रुपये क्लब शुल्क लिया जा रहा है। फेज एक के लोगों के अनुसार फेज-2 के कुछ लोगों का कहना है कि यह सुविधाएं उनके लिए विकसित की गई हैं। फेज-1 के लोगों का उस पर अधिकार नहीं है। लंबे समय से इस मुद्दे पर विवाद चल रहा है। हालांकि एस्टेट मैनेजर अजय सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। सिंह ने कहा कि क्लब हाउस का उपयोग दोनों फेज के निवासी कर रहे हैं।