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Noida News: एक ही फ्लैट बार-बार बेचता रहा बिल्डर, व्हाइट हाउस अपार्टमेंट्स में सामने आया फर्जीवाड़ा
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-डीआरटी का कब्जा नोटिस चिपकने पर खुला पूरा फर्जीवाड़ा, पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-पाई 1 व 2 स्थित व्हाइट हाउस अपार्टमेंट्स में एक ही फ्लैट की कई बार बिक्री कर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। थाना सूरजपुर पुलिस ने बिल्डर कंपनी वोकेशनल एजुकेशन फाउंडेशन (बीईएफ) के सीईओ, सीएफओ और प्रोजेक्ट मैनेजर सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
व्हाइट हाउस अपार्टमेंट्स निवासी रवींद्र यादव ने बताया कि उन्होंने उक्त फ्लैट का पूर्ण और अंतिम भुगतान करीब साढ़े पैंसठ लाख रुपये चुकाकर वैध रूप से खरीदा था। वह 22 जून 2018 से पूरे परिवार सहित इसी फ्लैट में रह रहे हैं। उनके पास आवंटन पत्र, बिल्डर द्वारा जारी भुगतान रसीदें, बैंक की स्वीकृति और सोसाइटी सदस्यता से जुड़े सभी दस्तावेज मौजूद हैं।
12 मार्च 2026 को ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी-1) दिल्ली के आदेश पर उनके फ्लैट के दरवाजे पर कब्जा नोटिस चस्पा कर दिया गया। जिसमें 15 दिनों के भीतर फ्लैट खाली करने अन्यथा पुलिस बल की मदद से जबरन कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई थी। इसी नोटिस से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आया कि यही फ्लैट इससे पहले 12 सितंबर 2013 को नीरज कुमार वर्मा नामक व्यक्ति को भी आवंटित किया जा चुका था। जिसका समझौता कथित तौर पर बिल्डर की ओर से आरोपी अभिजीत कुमार के हस्ताक्षर से हुआ था। यह बिल्डर की ओर से इसी तरह की धोखाधड़ी का पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 2019 में भी विशाल अग्रवाल नामक व्यक्ति के ऋण खाते में वसूली को लेकर भारतीय स्टेट बैंक की ओर से इसी फ्लैट के संबंध में शिकायतकर्ता के पते पर लगभग 59 लाख 59 हजार रुपये की वसूली का कानूनी नोटिस भेजा गया था। उस समय बिल्डर ने फ्लैट को कई बार बेचे जाने की बात स्वीकार करते हुए बैंक का ऋण समायोजित कर दिया था। इसके अलावा बिल्डर की ओर से 4 अप्रैल 2019 को एक पत्र भी भेजा गया था जिसमें शिकायतकर्ता के स्वामित्व को स्पष्ट रूप से मान्य किया गया था।
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इन सभी दस्तावेजी साक्ष्यों के बावजूद बिल्डर कंपनी वोकेशनल एजुकेशन फाउंडेशन ने एक ही फ्लैट की बार-बार बिक्री कर उनके साथ विश्वासघात किया। शिकायत में कंपनी के सीईओ/अध्यक्ष नवीन कुमार गुप्ता, सीएफओ अभिजीत कुमार और प्रोजेक्ट मैनेजर बीपी सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि अभिजीत कुमार दोनों बार की धनराशि वोकेशनल एजुकेशन फाउंडेशन के ही खाते में जमा हुई। वहीं कोतवाली प्रभारी संजय कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-पाई 1 व 2 स्थित व्हाइट हाउस अपार्टमेंट्स में एक ही फ्लैट की कई बार बिक्री कर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। थाना सूरजपुर पुलिस ने बिल्डर कंपनी वोकेशनल एजुकेशन फाउंडेशन (बीईएफ) के सीईओ, सीएफओ और प्रोजेक्ट मैनेजर सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
व्हाइट हाउस अपार्टमेंट्स निवासी रवींद्र यादव ने बताया कि उन्होंने उक्त फ्लैट का पूर्ण और अंतिम भुगतान करीब साढ़े पैंसठ लाख रुपये चुकाकर वैध रूप से खरीदा था। वह 22 जून 2018 से पूरे परिवार सहित इसी फ्लैट में रह रहे हैं। उनके पास आवंटन पत्र, बिल्डर द्वारा जारी भुगतान रसीदें, बैंक की स्वीकृति और सोसाइटी सदस्यता से जुड़े सभी दस्तावेज मौजूद हैं।
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12 मार्च 2026 को ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी-1) दिल्ली के आदेश पर उनके फ्लैट के दरवाजे पर कब्जा नोटिस चस्पा कर दिया गया। जिसमें 15 दिनों के भीतर फ्लैट खाली करने अन्यथा पुलिस बल की मदद से जबरन कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई थी। इसी नोटिस से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आया कि यही फ्लैट इससे पहले 12 सितंबर 2013 को नीरज कुमार वर्मा नामक व्यक्ति को भी आवंटित किया जा चुका था। जिसका समझौता कथित तौर पर बिल्डर की ओर से आरोपी अभिजीत कुमार के हस्ताक्षर से हुआ था। यह बिल्डर की ओर से इसी तरह की धोखाधड़ी का पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 2019 में भी विशाल अग्रवाल नामक व्यक्ति के ऋण खाते में वसूली को लेकर भारतीय स्टेट बैंक की ओर से इसी फ्लैट के संबंध में शिकायतकर्ता के पते पर लगभग 59 लाख 59 हजार रुपये की वसूली का कानूनी नोटिस भेजा गया था। उस समय बिल्डर ने फ्लैट को कई बार बेचे जाने की बात स्वीकार करते हुए बैंक का ऋण समायोजित कर दिया था। इसके अलावा बिल्डर की ओर से 4 अप्रैल 2019 को एक पत्र भी भेजा गया था जिसमें शिकायतकर्ता के स्वामित्व को स्पष्ट रूप से मान्य किया गया था।
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इन सभी दस्तावेजी साक्ष्यों के बावजूद बिल्डर कंपनी वोकेशनल एजुकेशन फाउंडेशन ने एक ही फ्लैट की बार-बार बिक्री कर उनके साथ विश्वासघात किया। शिकायत में कंपनी के सीईओ/अध्यक्ष नवीन कुमार गुप्ता, सीएफओ अभिजीत कुमार और प्रोजेक्ट मैनेजर बीपी सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि अभिजीत कुमार दोनों बार की धनराशि वोकेशनल एजुकेशन फाउंडेशन के ही खाते में जमा हुई। वहीं कोतवाली प्रभारी संजय कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।