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ग्रेटर नोएडा: धरना स्थल पर मिट्टी डाली, डंपर-जेसीबी से घेराबंदी; किसान बोले- प्रशासन हमारी आवाज दबा रहा

Mon, 17 Aug 2026 01:13 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 17 Aug 2026 01:13 PM IST
सार

Greater Noida Farmers Protest: ग्रेटर नोएडा में किसानों का प्रदर्शन प्राधिकरण कार्यालय के बाहर होने से पहले धरना स्थल पर मिट्टी डाल गई। किसान नेताओं ने इसे प्राधिकरण प्रशासन की ज्यादती बताया है।

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Soil dumped at protest site in Greater Noida before farmers stage outside Authority office
प्राधिकरण ने रोका किसानों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोमवार को किसानों का प्रदर्शन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर प्रस्तावित था। किसान अपनी मांगों को लेकर वहां पहुंचने वाले थे। लेकिन उन्हें धरना स्थल पर मिट्टी और रास्ते में बाधाएं मिलीं।

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जब किसान प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, तो गेट के बाहर धरना स्थल की जगह मिट्टी गिरी हुई थी। मेट्रो स्टेशन के नीचे डंपर ट्रक और जेसीबी भी खड़े कर दिए गए थे। किसान नेताओं ने इसे प्राधिकरण प्रशासन की ज्यादती बताया। 

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उन्होंने कहा कि किसानों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोका गया। किसानों को रास्ते और घरों में ही रोक दिया गया था। यह कार्रवाई किसानों के विरोध प्रदर्शन को विफल करने के लिए की गई। किसान नेताओं का आरोप है कि प्रशासन उनकी मांगों को मिट्टी के नीचे दबा रहा है। किसानों ने अधिकारियों से तत्काल वार्ता करने की मांग की है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से बातचीत हो।

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प्राधिकरण प्रशासन ने किसानों के प्रदर्शन को रोकने के लिए कई कदम उठाए। धरना स्थल पर बड़ी मात्रा में मिट्टी डलवा दी गई। इसके साथ ही मेट्रो स्टेशन के नीचे भारी वाहन खड़े किए गए। डंपर ट्रक और जेसीबी का उपयोग रास्ते बंद करने के लिए किया गया। यह सब किसानों को एकजुट होने और विरोध करने से रोकने के लिए किया गया।

किसान नेताओं ने प्रशासन की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह किसानों के लोकतांत्रिक अधिकार का हनन है। किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं और वार्ता चाहते हैं। उनका कहना है कि मांगों को दबाने के बजाय सुना जाना चाहिए। किसान नेताओं ने अधिकारियों से तत्काल बातचीत शुरू करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वार्ता नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा।

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