सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   world asthama day

Noida News: अस्थमा के स्थायी इलाज में कारगर है ''आयुष''

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2026 06:51 PM IST
विज्ञापन
world asthama day
विज्ञापन
विश्व अस्थमा दिवस
Trending Videos

-आयुष चिकित्सा पद्धति में आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी स्थायी उपचार के लिए बेहतर विकल्प
-हर महीने 150 से 200 मरीज ले रहे हैं होम्योपैथी और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के तहत इलाज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बदलती जीवनशैली और बढ़ते प्रदूषण के बीच नोएडा में अस्थमा (दमा) एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। जहां एलोपैथी में इनहेलर्स और स्टेरॉयड तात्कालिक राहत देते हैं, वहीं अब आयुष चिकित्सा पद्धति में आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी अस्थमा के स्थायी उपचार के लिए बेहतर विकल्प के रूप में सामने आ रहे हैं। इनके दुष्प्रभाव के बिना ही स्थायी तौर पर रोग निवारण भी हो रहा है।

जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रीती सिंघल ने बताया कि आयुष पद्धतियां शरीर के ''''इम्यून सिस्टम'''' को पुनर्जीवित करती हैं। यदि सही आहार और जीवनशैली के साथ इन्हें अपनाया जाए तो अस्थमा के मरीज एक सामान्य जीवन जी सकते हैं। आयुष पद्धति के तहत होम्योपैथिक, योग और आयुर्वेदिक चिकित्सा विधि से इलाज किया जाता है और जिले में सभी पद्धतियों से इलाज हो रहा है। यदि मरीज की स्थिति बहुत गंभीर नहीं है तो तीन से 6 महीने या अधिकतम एक साल में मरीज को अस्थमा से स्थायी तौर पर राहत मिल जाती है। जिला अस्पताल की होम्योपैथिक ओपीडी में हर महीने 150 से 200 अस्थमा के मरीज आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

होम्योपैथिक और योग दोनों का हो साथ : डॉ. प्रीति सिंघल ने बताया कि आयुष विभाग के तहत दो योग वेलनेस सेंटर भी संचालित हैं। इसमें एक सेंटर छिजारसी और दूसरा जिला अस्पताल में चलता है। यदि होम्योपैथिक दवाई और योग दोनों का सहारा लिया जाए तो मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं। योग में कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भस्त्रिका से फेफड़ों की वायु धारण करने की क्षमता में सुधार होता है।
तुलसी, अदरक और मुलेठी का साथ
: जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. वंदना रानी ने बताया कि अस्थमा कफ दोष के असंतुलन के कारण होता है, जिसे जड़ी-बूटियों, पंचकर्म और योग-प्राणायाम के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। तुलसी, अदरक, मुलेठी और शहद जैसे प्राकृतिक तत्व श्वास नलियों को साफ करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं। जिले में आयुर्वेद के 12 सेंटर संचालित हैं।
क्या होता है अस्थमा और लक्षण :
सेक्टर 110 स्थित यथार्थ हॉस्पिटल के पल्मोनोलॉजी विभाग के हेड व वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अरुणाचलम एम ने बताया कि अस्थमा में श्वसन नलिकाएं सूज जाती हैं, संकरी हो जाती हैं और अधिक म्यूकस बनता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। सेक्टर 128 स्थित मैक्स हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी एंड पल्मोनरी इंटेंसिव केयर के एसोसिएट कंसलटेंट डॉ आनंद वर्धन ने बताया कि अस्थमा के मरीजों में खांसी, सांस फूलना सीटी जैसी आवाज जैसे लक्षण अचानक तेज हो जाते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान
-धूल, धुआं और मिट्टी से बचाव करें।
-प्रदूषण की स्थिति में मास्क लगाकर रखें।
-घर की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
-खान-पान और जीवनशैली संतुलित रखें।
-बदलते मौसम में सर्दी-गर्मी का ध्यान रखें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article