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Nuh News: वादों के दलदल में फंसा बलई का जोहड़, अब बीडीपीओ ने लिया संज्ञान
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। खंड के बलई गांव के नई मोहल्ले में स्थित जोहड़ (तालाब) इस समय गंदगी और जलकुंभी का साम्राज्य बन चुका है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई थी।
ग्रामीणों और पंचायत समिति सदस्य जुनैद खान की पुरजोर मांग के बाद, प्रशासन हरकत में आया था। उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) लक्ष्मी नारायण ने संबंधित अधिकारियों को तालाब की तत्काल सफाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर 15 दिनों के भीतर इस जोहड़ को पूरी तरह साफ करने का बड़ा दावा भी किया गया था। इस घोषणा के बाद ग्रामीणों को लगा था कि अब उन्हें इस नरकीय स्थिति से मुक्ति मिल जाएगी।
धरातल पर कुछ नहीं बदला, हादसों का डर बरकरार
हैरानी की बात यह है कि लंबे समय से किए जा रहे इन बड़े-बड़े दावों और आश्वासनों के बावजूद धरातल पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थिति जस की तस बनी हुई है और पूरा तालाब आज भी जलकुंभी से ढका है। स्थानीय निवासी शेरू नंबरदार, सलमु, जाकिर और कासिम का कहना है कि प्रशासन के झूठे भरोसे से वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जोहड़ में पशुओं के गिरने और बच्चों के डूबने का खतरा हर पल बना रहता है।
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अब बीडीपीओ विशाल आजाद ने संभाला मोर्चा
जब इस मामले में अब तक कोई जमीनी कार्रवाई नहीं हुई, तो अब खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल आजाद ने इस पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया है। बीडीपीओ विशाल आजाद ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि ग्रामीणों की यह समस्या बेहद गंभीर है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर जल्द से जल्द जोहड़ की सफाई का कार्य शुरू करवाया जाएगा। अब देखना यह है कि बीडीपीओ के इस नए भरोसे के बाद ग्रामीणों को कब तक राहत मिल पाती है।
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नगीना। खंड के बलई गांव के नई मोहल्ले में स्थित जोहड़ (तालाब) इस समय गंदगी और जलकुंभी का साम्राज्य बन चुका है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई थी।
ग्रामीणों और पंचायत समिति सदस्य जुनैद खान की पुरजोर मांग के बाद, प्रशासन हरकत में आया था। उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) लक्ष्मी नारायण ने संबंधित अधिकारियों को तालाब की तत्काल सफाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर 15 दिनों के भीतर इस जोहड़ को पूरी तरह साफ करने का बड़ा दावा भी किया गया था। इस घोषणा के बाद ग्रामीणों को लगा था कि अब उन्हें इस नरकीय स्थिति से मुक्ति मिल जाएगी।
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धरातल पर कुछ नहीं बदला, हादसों का डर बरकरार
हैरानी की बात यह है कि लंबे समय से किए जा रहे इन बड़े-बड़े दावों और आश्वासनों के बावजूद धरातल पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थिति जस की तस बनी हुई है और पूरा तालाब आज भी जलकुंभी से ढका है। स्थानीय निवासी शेरू नंबरदार, सलमु, जाकिर और कासिम का कहना है कि प्रशासन के झूठे भरोसे से वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जोहड़ में पशुओं के गिरने और बच्चों के डूबने का खतरा हर पल बना रहता है।
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अब बीडीपीओ विशाल आजाद ने संभाला मोर्चा
जब इस मामले में अब तक कोई जमीनी कार्रवाई नहीं हुई, तो अब खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल आजाद ने इस पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया है। बीडीपीओ विशाल आजाद ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि ग्रामीणों की यह समस्या बेहद गंभीर है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर जल्द से जल्द जोहड़ की सफाई का कार्य शुरू करवाया जाएगा। अब देखना यह है कि बीडीपीओ के इस नए भरोसे के बाद ग्रामीणों को कब तक राहत मिल पाती है।