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Nuh News: नूंह को अग्रणी जिलों में शामिल करने का लक्ष्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। उपायुक्त अखिल पिलानी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और अन्य सभी प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार सुनिश्चित करते हुए जिला नूंह को राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करें।
बुधवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने मातृ स्वास्थ्य, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना तथा पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 की तुलना में मई 2026 तक कई प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। चार अथवा उससे अधिक प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कराने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत बढ़कर 85.8 प्रतिशत पहुंच गया है। प्रथम तिमाही में एएनसी पंजीकरण 83.5 प्रतिशत, अनुमानित गर्भधारण के मुकाबले एएनसी पंजीकरण 108 प्रतिशत तथा चार बार हीमोग्लोबिन जांच कराने वाली महिलाओं का प्रतिशत 85 प्रतिशत दर्ज किया गया।
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उपायुक्त ने संस्थागत प्रसव को और बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 106 तक पहुंच गया है, जबकि जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान कराने की दर 99.1 प्रतिशत रही। कम जन्म वजन वाले बच्चों का प्रतिशत घटकर 7.21 प्रतिशत हो गया है तथा पूर्ण टीकाकरण प्राप्त बच्चों का प्रतिशत बढ़कर 84.7 प्रतिशत दर्ज किया गया।
बैठक में नियमित टीकाकरण अभियान, आयुष्मान भारत योजना और पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने शेष पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनवाने तथा भ्रूण लिंग जांच जैसे अवैध कार्यों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नियमित निरीक्षण और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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नूंह। उपायुक्त अखिल पिलानी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और अन्य सभी प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार सुनिश्चित करते हुए जिला नूंह को राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करें।
बुधवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने मातृ स्वास्थ्य, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना तथा पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
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बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 की तुलना में मई 2026 तक कई प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। चार अथवा उससे अधिक प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कराने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत बढ़कर 85.8 प्रतिशत पहुंच गया है। प्रथम तिमाही में एएनसी पंजीकरण 83.5 प्रतिशत, अनुमानित गर्भधारण के मुकाबले एएनसी पंजीकरण 108 प्रतिशत तथा चार बार हीमोग्लोबिन जांच कराने वाली महिलाओं का प्रतिशत 85 प्रतिशत दर्ज किया गया।
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उपायुक्त ने संस्थागत प्रसव को और बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 106 तक पहुंच गया है, जबकि जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान कराने की दर 99.1 प्रतिशत रही। कम जन्म वजन वाले बच्चों का प्रतिशत घटकर 7.21 प्रतिशत हो गया है तथा पूर्ण टीकाकरण प्राप्त बच्चों का प्रतिशत बढ़कर 84.7 प्रतिशत दर्ज किया गया।
बैठक में नियमित टीकाकरण अभियान, आयुष्मान भारत योजना और पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने शेष पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनवाने तथा भ्रूण लिंग जांच जैसे अवैध कार्यों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नियमित निरीक्षण और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।