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Nuh News: आईआरबी के लिए जमीन देने के बदले उचित मुआवजे की मांग
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रविवार को ग्राम सभा की बैठक में शामिल हुए ग्रामिण, जाहिर की नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के गांव संगेल में प्रस्तावित आर्मी की यूनिट आईआरबी को जमीन देने के मुद्दे पर रविवार को ग्राम सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गांव के सरपंच नरेश कुमार ने की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे। बैठक में ग्रामीणों ने आईआरबी के लिए दी जा रही जमीन के मुआवजे को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए शासन-प्रशासन से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
बैठक के दौरान सरपंच नरेश कुमार ने बताया कि आईआरबी यूनिट के लिए जो जमीन दी जा रही है, उसके लिए सरकार द्वारा 26 लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा तय किया गया है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि यह मुआवजा बहुत कम है और मौजूदा जमीन के बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं है। किसानों का तर्क है कि इसी भूमि का लगभग आठ वर्ष पहले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए 67 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जा चुका है। ऐसे में अब उससे काफी कम दर पर मुआवजा देना किसानों के साथ अन्याय है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि चकबंदी के समय गांव के किसानों ने यह जमीन चारागाह के लिए दी थी, ताकि गांव के पशुओं के लिए चरने की व्यवस्था बनी रहे। किसानों का कहना है कि चूंकि यह जमीन मूल रूप से किसानों द्वारा दी गई थी, इसलिए यदि इसका अधिग्रहण किया जाता है तो उसका मुआवजा पंचायत के बजाय सीधे किसानों को दिया जाना चाहिए। बैठक के अंत में ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित मुआवजा तय किया जाए और मुआवजा राशि सीधे किसानों को प्रदान की जाए। इस मौके पर किसान सिंह, पूर्व सरपंच महेंद्र पाल सिंह, रोहताश, रणविजय, विजयपाल, रामबीर, अशोक, सोनू, सुभाष, नरसिंह, हरकेश, लोकेश, भूप, सुरेंद्र सिंह, महीपाल, जगदीश व महेंद्र सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
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नूंह। जिले के गांव संगेल में प्रस्तावित आर्मी की यूनिट आईआरबी को जमीन देने के मुद्दे पर रविवार को ग्राम सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गांव के सरपंच नरेश कुमार ने की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे। बैठक में ग्रामीणों ने आईआरबी के लिए दी जा रही जमीन के मुआवजे को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए शासन-प्रशासन से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
बैठक के दौरान सरपंच नरेश कुमार ने बताया कि आईआरबी यूनिट के लिए जो जमीन दी जा रही है, उसके लिए सरकार द्वारा 26 लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा तय किया गया है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि यह मुआवजा बहुत कम है और मौजूदा जमीन के बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं है। किसानों का तर्क है कि इसी भूमि का लगभग आठ वर्ष पहले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए 67 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जा चुका है। ऐसे में अब उससे काफी कम दर पर मुआवजा देना किसानों के साथ अन्याय है।
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ग्रामीणों ने यह भी बताया कि चकबंदी के समय गांव के किसानों ने यह जमीन चारागाह के लिए दी थी, ताकि गांव के पशुओं के लिए चरने की व्यवस्था बनी रहे। किसानों का कहना है कि चूंकि यह जमीन मूल रूप से किसानों द्वारा दी गई थी, इसलिए यदि इसका अधिग्रहण किया जाता है तो उसका मुआवजा पंचायत के बजाय सीधे किसानों को दिया जाना चाहिए। बैठक के अंत में ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित मुआवजा तय किया जाए और मुआवजा राशि सीधे किसानों को प्रदान की जाए। इस मौके पर किसान सिंह, पूर्व सरपंच महेंद्र पाल सिंह, रोहताश, रणविजय, विजयपाल, रामबीर, अशोक, सोनू, सुभाष, नरसिंह, हरकेश, लोकेश, भूप, सुरेंद्र सिंह, महीपाल, जगदीश व महेंद्र सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।