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Nuh News: नूंह शहर की पेयजल किल्लत होगी खत्म, अमृत-2 योजना अगले महीने होगी शुरू
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14 करोड़ रुपये की योजना के अधिकांश निर्माण कार्य हुए पूरे
संवाद न्यूजे एजेंसी
नूंह। नूंह शहर में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या से लोगों को जल्द राहत मिलेगी। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत वाली अमृत-2 योजना अगले महीने शुरू होगी। इस योजना से शहर की नई पेयजल व्यवस्था तैयार की गई है। इसका लक्ष्य शहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, योजना के अधिकांश निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। चारों भंडारण जल टैंकों में बिजली की मोटर लगाने का काम चल रहा है। विद्युत कनेक्शन, परीक्षण और अन्य तकनीकी कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होते ही अगले महीने योजना का संचालन शुरू हो जाएगा। अमृत-2 योजना से नूंह शहर की करीब 35 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में शहर की जलापूर्ति रेनीवेल परियोजना और जन स्वास्थ्य विभाग के जल स्रोतों पर निर्भर है। पर्याप्त भंडारण क्षमता न होने से कई इलाकों में पानी नियमित रूप से नहीं पहुंच पाता था। नई योजना से पानी का भंडारण बढ़ेगा और आपूर्ति अधिक व्यवस्थित होगी।
भंडारण टैंक और नई पाइपलाइन
योजना के तहत चार बड़े भंडारण जल टैंक बनाए गए हैं। ये टैंक जोगीपुर मार्ग, जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के समीप, पलड़ी मोड़ और विश्राम गृह के पास स्थित हैं। उन क्षेत्रों में भी नई पाइपलाइन बिछाई गई है, जहां पहले पेयजल लाइन नहीं थी। इन टैंकों से बालाजी कॉलोनी, हिदायत कॉलोनी और गोशाला क्षेत्र में पर्याप्त पानी पहुंचाया जाएगा। शहर के उन इलाकों में भी पानी मिलेगा, जहां अब तक कमी का सामना करना पड़ता था।
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भूजल की समस्या और योजना का महत्व
नूंह शहर और आसपास के अधिकांश क्षेत्रों का भूजल पीने योग्य नहीं है। ऐसे में पूरा शहर रेनीवेल परियोजना और विभागीय जल स्रोतों पर निर्भर है। विभाग का मानना है कि नई भंडारण क्षमता बढ़ने से जलापूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी मदद मिलेगी। टैंकों में संग्रहित पानी से नियमित आपूर्ति बनाए रखना आसान होगा। यह योजना शहर की पेयजल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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बिजली की मोटर लगाने, परीक्षण और अन्य तकनीकी कार्य अंतिम चरण में
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता अमित कुमार ने बताया। अमृत-2 योजना के निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। चारों भंडारण जल टैंकों में बिजली की मोटर लगाने, परीक्षण और अन्य तकनीकी कार्य अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि अगले महीने योजना शुरू हो जाएगी। इसके बाद शहर के लोगों को पहले की तुलना में बेहतर और नियमित पेयजल आपूर्ति मिलेगी।
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संवाद न्यूजे एजेंसी
नूंह। नूंह शहर में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या से लोगों को जल्द राहत मिलेगी। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत वाली अमृत-2 योजना अगले महीने शुरू होगी। इस योजना से शहर की नई पेयजल व्यवस्था तैयार की गई है। इसका लक्ष्य शहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, योजना के अधिकांश निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। चारों भंडारण जल टैंकों में बिजली की मोटर लगाने का काम चल रहा है। विद्युत कनेक्शन, परीक्षण और अन्य तकनीकी कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होते ही अगले महीने योजना का संचालन शुरू हो जाएगा। अमृत-2 योजना से नूंह शहर की करीब 35 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में शहर की जलापूर्ति रेनीवेल परियोजना और जन स्वास्थ्य विभाग के जल स्रोतों पर निर्भर है। पर्याप्त भंडारण क्षमता न होने से कई इलाकों में पानी नियमित रूप से नहीं पहुंच पाता था। नई योजना से पानी का भंडारण बढ़ेगा और आपूर्ति अधिक व्यवस्थित होगी।
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भंडारण टैंक और नई पाइपलाइन
योजना के तहत चार बड़े भंडारण जल टैंक बनाए गए हैं। ये टैंक जोगीपुर मार्ग, जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के समीप, पलड़ी मोड़ और विश्राम गृह के पास स्थित हैं। उन क्षेत्रों में भी नई पाइपलाइन बिछाई गई है, जहां पहले पेयजल लाइन नहीं थी। इन टैंकों से बालाजी कॉलोनी, हिदायत कॉलोनी और गोशाला क्षेत्र में पर्याप्त पानी पहुंचाया जाएगा। शहर के उन इलाकों में भी पानी मिलेगा, जहां अब तक कमी का सामना करना पड़ता था।
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भूजल की समस्या और योजना का महत्व
नूंह शहर और आसपास के अधिकांश क्षेत्रों का भूजल पीने योग्य नहीं है। ऐसे में पूरा शहर रेनीवेल परियोजना और विभागीय जल स्रोतों पर निर्भर है। विभाग का मानना है कि नई भंडारण क्षमता बढ़ने से जलापूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी मदद मिलेगी। टैंकों में संग्रहित पानी से नियमित आपूर्ति बनाए रखना आसान होगा। यह योजना शहर की पेयजल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
बिजली की मोटर लगाने, परीक्षण और अन्य तकनीकी कार्य अंतिम चरण में
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता अमित कुमार ने बताया। अमृत-2 योजना के निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। चारों भंडारण जल टैंकों में बिजली की मोटर लगाने, परीक्षण और अन्य तकनीकी कार्य अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि अगले महीने योजना शुरू हो जाएगी। इसके बाद शहर के लोगों को पहले की तुलना में बेहतर और नियमित पेयजल आपूर्ति मिलेगी।