सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Nuh News ›   Potato cultivation in Pingawan region for first time farmers happy with good yield expect increased income

अब किसान होंगे मालामाल: हरियाणा के इन गांवों में पहली बार हुई आलू की खेती, खर्चा 30 हजार, कमाई होगी लाखों में

संवाद न्यूज एजेंसी, पिनगवां Published by: विकास कुमार Updated Thu, 22 Jan 2026 04:54 PM IST
विज्ञापन
सार

बागवानी अधिकारी अब्दुल रज्जाक ने बताया कि किसानों की बढ़ती रुचि को देखते हुए बागवानी विभाग द्वारा आलू की आधुनिक खेती, तकनीकी जानकारी, परिवहन व्यवस्था और पाले से बचाव के उपायों पर लगातार मार्गदर्शन दिया जा रहा है। 

Potato cultivation in Pingawan region for first time farmers happy with good yield expect increased income
आलू की फसल दिखाते किसान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

खेती में एक नई और एतिहासिक शुरुआत देखने को मिल रही है। पहली बार हरियाणा के नूंह स्थित पिनगवां खंड के घटवासन, सिरसबास और तिगांव गांवों में बड़े पैमाने पर आलू की खेती सफलतापूर्वक की जा रही है। इस नई फसल ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है और क्षेत्र में कृषि विविधीकरण की नई उम्मीदें जगा दी हैं। इन तीनों गांवों में लगभग 15 से 20 एकड़ भूमि पर किसानों ने आलू की खेती की है, जहां फसल की बढ़वार और पैदावार काफी बेहतर नजर आ रही है। 

Trending Videos

'हमारे लिए बड़ा प्रयोग था'
अब तक इस क्षेत्र में परंपरागत फसलों पर निर्भर रहने वाले किसानों ने पहली बार आलू जैसी नकदी फसल को अपनाया है। किसानों का कहना है कि यह उनके लिए एक बड़ा प्रयोग था, लेकिन बागवानी विभाग के मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक के कारण परिणाम उम्मीद से कहीं बेहतर मिल रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रति एकड़ आया 30 हजार का खर्च
घटवासन गांव के किसान जुबेर, रुकदीन और फरीद ने बताया कि आलू की खेती में प्रति एकड़ लगभग 30 हजार रुपये का खर्च आया है, जबकि बाजार भाव अनुकूल रहने पर डेढ़ से दो लाख रुपये प्रति एकड़ तक की आमदनी होने की पूरी संभावना है। वहीं सिरसबास और तिगांव के किसान इख़्लास, रुकसेद, रज्जाक, गफ़ूर और जाहिद का कहना है कि पहली बार खेती करने के बावजूद फसल की गुणवत्ता अच्छी है और वे भविष्य में इसका रकबा बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। 

भाव गिरे तो सरकार करेगी भरपाई
जिला बागवानी अधिकारी अब्दुल रज्जाक ने बताया कि किसानों की बढ़ती रुचि को देखते हुए बागवानी विभाग द्वारा आलू की आधुनिक खेती, तकनीकी जानकारी, परिवहन व्यवस्था और पाले से बचाव के उपायों पर लगातार मार्गदर्शन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बाजार में आलू के भाव गिरते हैं तो सरकार द्वारा तय दरों के अनुसार भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को अनुदान दिया जाएगा। हाल ही में सरकार ने आलू और गोभी उत्पादक किसानों को इस योजना के तहत करोड़ों रुपये की सहायता राशि दी है।

आर्थिक स्थिति होगी मजबूत
उन्होंने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि मात्र 750 रुपये प्रति एकड़ प्रीमियम पर सब्जी फसलों का बीमा किया जाता है। प्राकृतिक आपदा से फसल पूरी तरह खराब होने पर तय अनुदान राशि सीधे किसानों के खातों में दी जाती है। इसके अलावा आलू की खेती पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तक और पाले से बचाव के लिए पॉलीटनेल लगाने पर प्रति वर्ग मीटर 10 से 14 रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल आने वाले समय में पिनगवां क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed