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Delhi NCR News: गुरु पूर्णिमा पर मंदिरों और आश्रमों में गुरु वंदन के साथ गूंजे भक्ति के स्वर
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों, आश्रमों और मठों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने महर्षि वेदव्यास को नमन करने के साथ अपने गुरु, संत-महात्माओं और आध्यात्मिक आचार्यों का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर, झंडेवालान मंदिर, छतरपुर स्थित आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ परिसर के शिवालय, कालकाजी मंदिर, इस्कॉन मंदिर (ईस्ट ऑफ कैलाश), मंदिर श्रीराम हनुमान वाटिका, शनिधाम सहित राजधानी के अनेक धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
राजधानी के विभिन्न आश्रमों में भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष आयोजन हुए। कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत, शनिधाम के महामंडेलश्वर दाती महाराज, मंदिर श्रीराम हनुमान वाटिका के महंत श्रीरामगोपाल दास महात्यागी सहित अनेक संतों ने अपने प्रवचनों में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाला पथप्रदर्शक होता है। गुरु के सान्निध्य से ही व्यक्ति अज्ञान से ज्ञान और भ्रम से सत्य की ओर अग्रसर होता है।
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नई दिल्ली। राजधानी में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों, आश्रमों और मठों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने महर्षि वेदव्यास को नमन करने के साथ अपने गुरु, संत-महात्माओं और आध्यात्मिक आचार्यों का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर, झंडेवालान मंदिर, छतरपुर स्थित आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ परिसर के शिवालय, कालकाजी मंदिर, इस्कॉन मंदिर (ईस्ट ऑफ कैलाश), मंदिर श्रीराम हनुमान वाटिका, शनिधाम सहित राजधानी के अनेक धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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राजधानी के विभिन्न आश्रमों में भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष आयोजन हुए। कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत, शनिधाम के महामंडेलश्वर दाती महाराज, मंदिर श्रीराम हनुमान वाटिका के महंत श्रीरामगोपाल दास महात्यागी सहित अनेक संतों ने अपने प्रवचनों में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाला पथप्रदर्शक होता है। गुरु के सान्निध्य से ही व्यक्ति अज्ञान से ज्ञान और भ्रम से सत्य की ओर अग्रसर होता है।
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