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आरके पुरम की 8 झुग्गी बस्तियों में गंदा पानी रोकना चुनौतीपूर्ण : डुसिब
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-डूसिब ने एनजीटी में दाखिल अपनी रिपोर्ट में दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को बताया कि आरके पुरम और वसंत विहार की 8 झुग्गी बस्तियों से निकलने वाले गंदे पानी को मुख्य सीवर लाइन से जोड़ना तकनीकी रूप से काफी कठिन है। डूसिब ने एनजीटी में दाखिल अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकतर झुग्गी बस्तियां नाले के किनारे और सड़क स्तर से नीचे बनी हुई हैं। कई जगहों पर सीवर लाइन बिछाने के लिए पर्याप्त जगह और सही ढलान नहीं है। इसी कारण सभी झुग्गियों को सीवर नेटवर्क से जोड़ना मुश्किल हो रहा है। मामला इन बस्तियों से बिना साफ किए गंदे पानी के बारापुला नाले में जाने से जुड़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ बस्तियों का 40 से 60 प्रतिशत हिस्सा पहले से दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की सीवर लाइन से जुड़ा है, लेकिन बाकी हिस्सों को जोड़ना संभव नहीं हो पा रहा है। प्रभावित बस्तियों में अंबेडकर बस्ती, नेहरू एकता कैंप, हनुमान कैंप, नेपाली कैंप, सेवा कैंप और शिवा कैंप सहित कुल 8 झुग्गी बस्तियां शामिल हैं। 27 नवंबर 2025 को डूसिब और डीजेबी अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया था। जांच में सामने आया कि यहां एक ही डिस्चार्ज पॉइंट बनाना और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाना आसान नहीं है।
रिपोर्ट यह भी बताया गया है कि उसने इस मामले में सहयोग के लिए डीजेबी को मार्च और अप्रैल 2026 में कई पत्र लिखे, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। याचिकाकर्ता शमशेर सिंह ने एनजीटी से मांग की है कि बिना उपचार के गंदे पानी को नाले में जाने से रोका जाए। वहीं, डूसिब ने अधिकरण से डीजेबी को जरूरी निर्देश देने की अपील की है, ताकि समस्या का समाधान निकाला जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को बताया कि आरके पुरम और वसंत विहार की 8 झुग्गी बस्तियों से निकलने वाले गंदे पानी को मुख्य सीवर लाइन से जोड़ना तकनीकी रूप से काफी कठिन है। डूसिब ने एनजीटी में दाखिल अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकतर झुग्गी बस्तियां नाले के किनारे और सड़क स्तर से नीचे बनी हुई हैं। कई जगहों पर सीवर लाइन बिछाने के लिए पर्याप्त जगह और सही ढलान नहीं है। इसी कारण सभी झुग्गियों को सीवर नेटवर्क से जोड़ना मुश्किल हो रहा है। मामला इन बस्तियों से बिना साफ किए गंदे पानी के बारापुला नाले में जाने से जुड़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ बस्तियों का 40 से 60 प्रतिशत हिस्सा पहले से दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की सीवर लाइन से जुड़ा है, लेकिन बाकी हिस्सों को जोड़ना संभव नहीं हो पा रहा है। प्रभावित बस्तियों में अंबेडकर बस्ती, नेहरू एकता कैंप, हनुमान कैंप, नेपाली कैंप, सेवा कैंप और शिवा कैंप सहित कुल 8 झुग्गी बस्तियां शामिल हैं। 27 नवंबर 2025 को डूसिब और डीजेबी अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया था। जांच में सामने आया कि यहां एक ही डिस्चार्ज पॉइंट बनाना और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाना आसान नहीं है।
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रिपोर्ट यह भी बताया गया है कि उसने इस मामले में सहयोग के लिए डीजेबी को मार्च और अप्रैल 2026 में कई पत्र लिखे, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। याचिकाकर्ता शमशेर सिंह ने एनजीटी से मांग की है कि बिना उपचार के गंदे पानी को नाले में जाने से रोका जाए। वहीं, डूसिब ने अधिकरण से डीजेबी को जरूरी निर्देश देने की अपील की है, ताकि समस्या का समाधान निकाला जा सके।