{"_id":"6a6f551d335cc879490f2f1b","slug":"recommendation-to-shut-down-11-construction-projects-and-6-industrial-units-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-148724-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: 11 निर्माण परियोजनाओं व 6 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने की सिफारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: 11 निर्माण परियोजनाओं व 6 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने की सिफारिश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के प्रवर्तन दल की कार्रवाइयों की समीक्षा के दौरान 11 डीजल जनरेटर सेट सील करने का भी प्रस्ताव रखा गया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के प्रवर्तन कार्य दल की 136वीं बैठक में हालिया कार्रवाई और नियमों के अनुपालन की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि 14 से 24 जुलाई के बीच एनसीआर में 159 निरीक्षण किए गए, जिनमें कई स्थानों पर पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन मिला।
आयोग के अनुसार, निरीक्षण के दौरान 22 निर्माण एवं तोड़-फोड़ (सीएंडडी) परियोजनाओं, 97 औद्योगिक इकाइयों और 40 डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों की जांच की गई। नियमों के उल्लंघन पर 17 परियोजनाओं और औद्योगिक इकाइयों को बंद करने की सिफारिश की गई है। इनमें 11 निर्माण परियोजनाएं और छह औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा 11 डीजल जनरेटर सेट सील करने, आठ मामलों में अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करने तथा पांच मामलों में पर्यावरण मुआवजा लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।
बैठक में पिछली समीक्षा के दौरान लिए गए निर्णयों की प्रगति भी जांची गई। आयोग ने बताया कि संबंधित एजेंसियों ने सभी मामलों में आवश्यक कार्रवाई की है। पर्यावरणीय मानकों का पालन करने के बाद सात इकाइयों और परियोजनाओं को दोबारा संचालन की अनुमति दी गई है। इनमें दो औद्योगिक इकाइयां और पांच निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से दो हरियाणा तथा पांच उत्तर प्रदेश में स्थित हैं।
विज्ञापन
सीएक्यूएम के अनुसार, उसके फ्लाइंग स्क्वॉड अब तक एनसीआर में 28,084 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थानों का निरीक्षण कर चुके हैं। इन निरीक्षणों के आधार पर 1,805 बंदी आदेश जारी किए गए। इनमें से 1,456 मामलों में मानकों का पालन होने पर दोबारा काम शुरू करने की अनुमति दे दी गई है। वहीं, 126 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को भेजा गया है, जबकि 223 मामलों की जांच अभी जारी है।
सड़क निर्माण कार्यों की भी समीक्षा
बैठक में सड़क निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में लगभग 38 किलोमीटर लंबे 106 सड़क खंडों का निरीक्षण किया गया। गाजियाबाद में सभी सड़कें निर्धारित मानकों के अनुरूप पक्की मिलीं, जबकि फरीदाबाद और गुरुग्राम में कुछ स्थानों पर कार्य अधूरा पाया गया। संबंधित नगर निगमों को जल्द आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के प्रवर्तन दल की कार्रवाइयों की समीक्षा के दौरान 11 डीजल जनरेटर सेट सील करने का भी प्रस्ताव रखा गया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के प्रवर्तन कार्य दल की 136वीं बैठक में हालिया कार्रवाई और नियमों के अनुपालन की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि 14 से 24 जुलाई के बीच एनसीआर में 159 निरीक्षण किए गए, जिनमें कई स्थानों पर पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन मिला।
आयोग के अनुसार, निरीक्षण के दौरान 22 निर्माण एवं तोड़-फोड़ (सीएंडडी) परियोजनाओं, 97 औद्योगिक इकाइयों और 40 डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों की जांच की गई। नियमों के उल्लंघन पर 17 परियोजनाओं और औद्योगिक इकाइयों को बंद करने की सिफारिश की गई है। इनमें 11 निर्माण परियोजनाएं और छह औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा 11 डीजल जनरेटर सेट सील करने, आठ मामलों में अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करने तथा पांच मामलों में पर्यावरण मुआवजा लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।
विज्ञापन
बैठक में पिछली समीक्षा के दौरान लिए गए निर्णयों की प्रगति भी जांची गई। आयोग ने बताया कि संबंधित एजेंसियों ने सभी मामलों में आवश्यक कार्रवाई की है। पर्यावरणीय मानकों का पालन करने के बाद सात इकाइयों और परियोजनाओं को दोबारा संचालन की अनुमति दी गई है। इनमें दो औद्योगिक इकाइयां और पांच निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से दो हरियाणा तथा पांच उत्तर प्रदेश में स्थित हैं।
विज्ञापन
सीएक्यूएम के अनुसार, उसके फ्लाइंग स्क्वॉड अब तक एनसीआर में 28,084 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थानों का निरीक्षण कर चुके हैं। इन निरीक्षणों के आधार पर 1,805 बंदी आदेश जारी किए गए। इनमें से 1,456 मामलों में मानकों का पालन होने पर दोबारा काम शुरू करने की अनुमति दे दी गई है। वहीं, 126 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को भेजा गया है, जबकि 223 मामलों की जांच अभी जारी है।
सड़क निर्माण कार्यों की भी समीक्षा
बैठक में सड़क निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में लगभग 38 किलोमीटर लंबे 106 सड़क खंडों का निरीक्षण किया गया। गाजियाबाद में सभी सड़कें निर्धारित मानकों के अनुरूप पक्की मिलीं, जबकि फरीदाबाद और गुरुग्राम में कुछ स्थानों पर कार्य अधूरा पाया गया। संबंधित नगर निगमों को जल्द आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।