सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Roadmap prepared for booster dose, budget, biogas and better foundation for cow shelters

Delhi NCR News: गोशालाओं को बूस्टर डोज, बजट-बायोगैस और बेहतर बुनियाद का रोडमैप तैयार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2026 07:29 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार ने गोसेवा को दी ऑक्सीजन, 20.26 करोड़ से बदलेगी तस्वीर
Trending Videos

10 आधुनिक गोशालाओं के विस्तार की शुरुआत, आगे 40 तक पहुंचाने की तैयारी

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने निराश्रित गोवंश की देखभाल और गोशालाओं को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सीएम रेखा गुप्ता ने 20.26 करोड़ रुपये जारी कर गोशालाओं को आर्थिक राहत दी और उनके संचालन को आसान बनाने के लिए लीज विस्तार और बायोगैस जैसी सुविधाओं की शुरुआत की। आवारा और बेसहारा गायों को मानो ऑक्सीजन मिल गई है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम में गोशालाओं को लीज एक्सटेंशन के प्रमाणपत्र सौंपे और बायोगैस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आर्थिक सहायता दी। इस मौके पर सरकार ने कुल 20.26 करोड़ रुपये जारी किए। इसमें 7.64 करोड़ रुपये जून 2024 से मार्च 2025 तक के बकाया भुगतान के लिए और 12.62 करोड़ रुपये अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक के चारे के खर्च के लिए दिए गए हैं। लंबे समय से लंबित लाइसेंस और लीज समझौतों का भी नवीनीकरण कर दिया गया है, जिससे गोशालाओं का संचालन अब बिना अड़चन के हो सकेगा।

चार प्रमुख गोशालाओं को सीधा लाभ : दिल्ली सरकार की पशुपालन इकाई के तहत सुल्तानपुर डबास, रेवला खानपुर, हरेवली और सुरहेड़ा में चार प्रमुख गोशालाएं चल रही हैं। इस पहल से ये सीधे लाभान्वित होंगी। ये गोशालाएं स्थानीय निकायों द्वारा लाए गए निराश्रित पशुओं को आश्रय, भोजन और इलाज उपलब्ध कराती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निराश्रित गौवंश की देखभाल को लेकर पूरी तरह गंभीर है। पहले चरण में 10 आधुनिक गोशालाओं के विकास पर काम शुरू किया गया है, जहां बेहतर सुविधाएं, साफ-सफाई और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। आगे चलकर 40 गोशालाओं को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गौशालाएं पर्यावरण से जुड़ेंगी : सीएम ने बताया, उनकी योजना सिर्फ पशुओं को आश्रय देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पर्यावरण से भी जोड़ा गया है। गोशालाओं में बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे गोबर से स्वच्छ ऊर्जा तैयार होगी और कचरे के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। इससे स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण पर सकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, गोशालाएं केवल पशु आश्रय स्थल नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना के केंद्र हैं। सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं का संरक्षण जरूरी है और यह सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिले। गोशाला प्रबंधन को अब आर्थिक या प्रशासनिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि सरकार समय पर फंड और जरूरी मंजूरी देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे गोशालाएं बिना किसी चिंता के पशुओं की देखभाल पर ध्यान दे सकेंगी।
गोसंरक्षण में समाज की भागीदारी जरूरी-रेखा गुप्ता : गोशाला प्रतिनिधियों ने सरकार से समय पर मिली सहायता के लिए आभार जताया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे गोवंश की सेवा और संरक्षण के लिए पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे। सीएम ने इन्हें कहा, गोसंरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी भागीदारी जरूरी है। इसी सोच के साथ आगे भी नई तकनीक, बेहतर चारा प्रबंधन और आधुनिक सुविधाओं पर काम जारी रहेगा, ताकि राजधानी में कोई भी पशु उपेक्षित न रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article