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Inside Story: सतीश गोलचा के निजी स्टाफ से जुड़ी मिली शिकायतें, सिर्फ दो घंटे में हटाए गए; जानें कैसे कटी जड़ें

Sat, 18 Jul 2026 04:12 PM IST
अनुज कुमार पुरुषोत्तम वर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 18 Jul 2026 04:12 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस में बीते शुक्रवार को अचानक बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार को नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं गृह मंत्रालय के आदेश पर सतीश गोलचा को पद से हटा दिया गया। अनुराग कुमार ने दो घंटे के भीतर उनसे पदभार ग्रहण कर लिया। आखिर ऐसा क्या हुआ? यहां पढ़ें इनसाइड स्टोरी

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Satish Golcha removed post order from MHA Anurag Kumar took over charge within two hours inside story
सतीश गोलचा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली पुलिस के इतिहास में शुक्रवार की सुबह ऐसा प्रशासनिक घटनाक्रम हुआ, जिसने पूरे पुलिस महकमे को हैरान कर दिया। सुबह करीब नौ बजे तक दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा एक सरकारी कार्यक्रम में पौधरोपण कर रहे थे। इसी दौरान गृह मंत्रालय का आदेश आया और कुछ ही मिनटों में साफ हो गया कि राजधानी की कानून-व्यवस्था की कमान अब 1994 बैच के आईपीएस अनुराग कुमार संभालेंगे। जिस समय गोलचा पौधे रोप रहे थे, उसी वक्त सरकारी आदेश ने उनके कार्यकाल पर विराम लगा दिया। इसके बाद घटनाक्रम इतनी तेजी से आगे बढ़ा कि करीब दो घंटे के भीतर अनुराग कुमार ने उनसे औपचारिक रूप से पदभार भी ग्रहण कर लिया।

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पूरी प्रक्रिया अभूतपूर्व गोपनीयता और तेजी के साथ पूरी हुई। अनुराग कुमार एक दिन पहले यानी 16 जुलाई को लगभग 20 वर्ष बाद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से अपने मूल यूटी कैडर में लौटे थे। वापसी के महज 24 घंटे के भीतर उन्हें दिल्ली पुलिस आयुक्त नियुक्त कर दिया गया और उसी दिन कार्यभार भी सौंप दिया गया। दिल्ली पुलिस के इतिहास में इतने कम समय में शीर्ष पद पर बदलाव के उदाहरण बेहद कम देखने को मिले हैं।
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पदभार संभालने के तुरंत बाद अनुराग कुमार ने विशेष पुलिस आयुक्तों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध से सख्ती से निपटना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से समन्वय और जवाबदेही के साथ काम करने पर भी जोर दिया। शनिवार को सभी वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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दिल्ली पुलिस में बीच कार्यकाल नेतृत्व परिवर्तन सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपवाद की स्थिति रही है। इस दौरान जुलाई 2021 में बालाजी श्रीवास्तव और जुलाई-अगस्त 2025 में शशि भूषण कुमार सिंह को अंतरिम रूप से दिल्ली पुलिस की कमान सौंपी गई। दोनों नियुक्तियां नियमित पुलिस आयुक्त की नियुक्ति होने तक की अंतरिम व्यवस्था थीं।

गोलचा के निजी स्टाफ से जुड़ी शिकायत उपराज्यपाल तक पहुंची थी
सतीश गोलचा को अचानक हटाए जाने को लेकर पुलिस और प्रशासनिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हैं। माना जा रहा है कि हाल में भ्रष्टाचार के मामलों में हुई कार्रवाई और वरिष्ठ अधिकारियों पर उठे सवालों के बाद यह फैसला लिया गया। सूत्रों के अनुसार, गोलचा के निजी स्टाफ से जुड़ी शिकायत उपराज्यपाल तक पहुंची थी, जिसके बाद उन्हें तलब भी किया गया था। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

24 घंटे में आईबी से दिल्ली पुलिस की कमान तक
16 जुलाई को करीब 20 वर्ष बाद अनुराग कुमार की यूटी कैडर में वापसी हुई। अगले ही दिन उन्हें दिल्ली पुलिस आयुक्त नियुक्त कर दिया गया। महज दो घंटे में उन्होंने सतीश गोलचा से कार्यभार भी संभाल लिया। इससे पहले वे दिल्ली के उत्तरी जिले में डीसीपी रह चुके हैं। आईबी में सेवा देते हुए आंतरिक सुरक्षा से जुड़े दायित्व निभाए।

वरिष्ठता से ऊपर भरोसे को मिली प्राथमिकता
जानकारी के अनुसार, वरिष्ठता क्रम में अनुराग कुमार से पहले 1992 बैच की गरिमा भटनागर और राजेश खुराना तथा 1993 बैच के रॉबिन हिबू का नाम आता है। तीनों वर्तमान में विशेष पुलिस आयुक्त हैं। इसके बावजूद सरकार ने अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस की कमान सौंपी। अब इन वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना है।

अनुराग को एलजी का भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है 
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, अनुराग कुमार की नियुक्ति के बाद अब उनके किसी केंद्रीय एजेंसी के निदेशक बनने की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं। उन्हें उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू का भरोसेमंद अधिकारी भी माना जाता है। दोनों ने वाशिंगटन में साथ काम किया था, जिससे उनके बीच बेहतर कार्यसमन्वय की चर्चा लंबे समय से होती रही है। आईबी में करीब दो दशक तक सेवाएं देने वाले अनुराग कुमार की पहचान ईमानदार और सख्त अधिकारी के रूप में रही है। उन्होंने खुफिया तंत्र, आंतरिक सुरक्षा, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और उत्तर-पूर्व से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभाले हैं। 

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