Delhi: विंग कमांडर निकिता पांडे की सेवा समाप्त करने पर रोक बढ़ी, दिल्ली HC ने अफसरों से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने विंग कमांडर निकिता पांडे की सेवा समाप्त पर सुप्रीम कोर्ट की रोक को आगे बढ़ाया और अधिकारियों को एक हफ्ते के अंदर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। एएफटी की उनकी याचिका खारिज किए जाने के बाद, विंग कमांडर निकिता पांडे दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची थीं।
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महिला विंग कमांडर निकेता पांडे की सेवा समाप्त करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए स्थगन को आगे बढ़ा दिया है। निकेता पांडे ने पिछले वर्ष (2025) अपनी रिहाई के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें अपनी शिकायत के लिए सशस्त्र बल न्यायाधिकरण या उच्च न्यायालय में जाने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद, विंग कमांडर निकेता पांडे ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) में अपना आवेदन प्रस्तुत किया। हालांकि, न्यायाधिकरण ने उनके आवेदन को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। इस निर्णय के बाद, निकेता पांडे ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।
Delhi High court extended the stay granted by the Supreme Court on release of Wing Commander Niketa Pandey. She had approached the supreme court last year. The apex court had asked to avail her remedy before the Armed Forces Tribunal (AFT) or High court. She approached the AFT.…
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 29, 2026
उन्होंने अपनी याचिका के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई की। कोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए स्थगन आदेश को जारी रखने का फैसला किया। इसके साथ ही, न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्हें इस मामले में अपना विस्तृत जवाब एक सप्ताह के भीतर दाखिल करना होगा। इस कानूनी प्रक्रिया में अगली सुनवाई जुलाई माह में निर्धारित की गई है।