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Delhi NCR News: जामिया में आरएसएस के कार्यक्रम में छात्रों का हंगामा
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अलग-अलग छात्र संगठनों ने युवा कुंभ कार्यक्रम के खिलाफ प्रदर्शन कर जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की 100 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित युवा कुंभ कार्यक्रम में हंगामा हुआ। अलग-अलग छात्र संगठनों ने परिसर में आरएसएस सहित जामिया प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और रोष प्रकट किया। प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। जिसमें प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मी और छात्रों के बीच तकरार देखने को मिल रही है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर दुर्व्यवहार करने और महिला छात्रों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। हालांकि तमाम विरोध के बीच कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
दो घंटे की देरी से हुआ कार्यक्रम
छात्रों के विरोध के चलते कार्यक्रम दो घंटे की देरी से हुआ और सिर्फ आधे घंटे कार्यक्रम का आयोजन हो सका। स्टूडेंटस फेडरेशन ऑफ इंडिया ,जामिया मिल्लिया इस्लामिया इकाई के संयुक्त सचिव अतिकुर्रहमान ने कहा किजामिया जैसे सार्वजनिक विश्वविद्यालय को संघ परिवार की विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं करने दिया जा सकता है।
जामिया प्रशासन की निंदा की
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) दिल्ली के अध्यक्ष और जामिया के छात्र सैयद ने कहा कि जामिया प्रशासन द्वारा आरएसएस को कार्यक्रम आयोजित करने के आमंत्रण की निंदा करते हैं। आरएसएस को कार्यक्रम की अनुमति प्रशासन ने गुपचुप तरीके से दी। जबकि प्रशासन किसी भी प्रगतिशील संगठन या समूह को शिक्षा और लोकतंत्र की बात करने वाले कार्यक्रम आयोजित करने से रोकता है।
दोहरे रवैये को नहीं करेंगे बर्दाश्त
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि एनएसयूआई इस दोहरे रवैये को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। यह अस्वीकार्य है कि जहां छात्रों को अपनी आवाज उठाने पर दंडित किया जाता है। वहीं विभाजनकारी विचारधाराओं को बढ़ावा देने वाले संगठनों को खुली छूट दी जाती है।
छात्रों के सभी आरोप हैं गलत
छात्रों के प्रदर्शन को लेकर जामिया के एक अधिकारी ने कहा कि शैक्षणिक कार्यक्रमों के आयोजन पर कोई रोक नहीं है। अगर कोई छात्र संगठन कार्यक्रम का आयोजन करना चाहता है तो वह उसमें संबंधित विभाग के दो प्रोफेसर की भागीदारी सुनिश्चित करे। कार्यक्रम की अनुमति दी जाएगी। वहीं सुरक्षाकर्मियों द्वारा मारपीट करने का आरोप पूरी तरह से गलत है। किसी छात्र के साथ कोई मारपीट नहीं हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की 100 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित युवा कुंभ कार्यक्रम में हंगामा हुआ। अलग-अलग छात्र संगठनों ने परिसर में आरएसएस सहित जामिया प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और रोष प्रकट किया। प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। जिसमें प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मी और छात्रों के बीच तकरार देखने को मिल रही है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर दुर्व्यवहार करने और महिला छात्रों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। हालांकि तमाम विरोध के बीच कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
दो घंटे की देरी से हुआ कार्यक्रम
छात्रों के विरोध के चलते कार्यक्रम दो घंटे की देरी से हुआ और सिर्फ आधे घंटे कार्यक्रम का आयोजन हो सका। स्टूडेंटस फेडरेशन ऑफ इंडिया ,जामिया मिल्लिया इस्लामिया इकाई के संयुक्त सचिव अतिकुर्रहमान ने कहा किजामिया जैसे सार्वजनिक विश्वविद्यालय को संघ परिवार की विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं करने दिया जा सकता है।
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जामिया प्रशासन की निंदा की
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) दिल्ली के अध्यक्ष और जामिया के छात्र सैयद ने कहा कि जामिया प्रशासन द्वारा आरएसएस को कार्यक्रम आयोजित करने के आमंत्रण की निंदा करते हैं। आरएसएस को कार्यक्रम की अनुमति प्रशासन ने गुपचुप तरीके से दी। जबकि प्रशासन किसी भी प्रगतिशील संगठन या समूह को शिक्षा और लोकतंत्र की बात करने वाले कार्यक्रम आयोजित करने से रोकता है।
दोहरे रवैये को नहीं करेंगे बर्दाश्त
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि एनएसयूआई इस दोहरे रवैये को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। यह अस्वीकार्य है कि जहां छात्रों को अपनी आवाज उठाने पर दंडित किया जाता है। वहीं विभाजनकारी विचारधाराओं को बढ़ावा देने वाले संगठनों को खुली छूट दी जाती है।
छात्रों के सभी आरोप हैं गलत
छात्रों के प्रदर्शन को लेकर जामिया के एक अधिकारी ने कहा कि शैक्षणिक कार्यक्रमों के आयोजन पर कोई रोक नहीं है। अगर कोई छात्र संगठन कार्यक्रम का आयोजन करना चाहता है तो वह उसमें संबंधित विभाग के दो प्रोफेसर की भागीदारी सुनिश्चित करे। कार्यक्रम की अनुमति दी जाएगी। वहीं सुरक्षाकर्मियों द्वारा मारपीट करने का आरोप पूरी तरह से गलत है। किसी छात्र के साथ कोई मारपीट नहीं हुई है।
