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Delhi NCR News: विधानसभा सदन में चला 15 घंटे काम, ऑडिट चक्र बहाल, चैटबॉट से 44 मुद्दे उठे
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विधान-साथी बना सहायक, विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद डिजिटल स्पीट से अच्छे परिणाम
विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के रवैये पर भी सवाल उठाए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली विधानसभा का हालिया सत्र विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद कामकाजी रहा। इस दौरान बजट और अहम विधेयक पास हुए, लंबित ऑडिट रिपोर्ट पेश की गईं और पहली बार सदन में विधान-साथी एआई चैटबॉट के इस्तेमाल से 44 मुद्दे उठाए गए। दिल्ली विधानसभा का आठवीं विधानसभा के चौथे सत्र का दूसरा चरण कई मायनों में अहम रहा। सदन ने 15 घंटे 16 मिनट तक कामकाज किया और बजट समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सत्र की जानकारी देते हुए विपक्ष के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 23 से 27 मार्च के बीच चार बैठकें हुईं, जिनमें सदन ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया। उनके मुताबिक, बिना किसी ठोस मुद्दे के सदन का बहिष्कार करना और बाहर रहकर भ्रम फैलाना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष के पास मुद्दे थे तो उन्हें सदन में आकर चर्चा करनी चाहिए थी। अध्यक्ष ने ये साफ किया कि निलंबन को लेकर विपक्ष को पहले ही नियमों की जानकारी दे दी गई थी। निलंबन सत्र समाप्त होने के साथ ही खत्म हो जाता है और नियमों के तहत ही कार्रवाई होती है।
सत्र की उपलब्धियां बताईं : विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि कैग की सभी 7 लंबित रिपोर्टें सदन में पेश कर दी गई हैं और अब कोई भी रिपोर्ट लंबित नहीं है। इन रिपोर्टों को लोक लेखा समिति को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि 15 साल में पहली बार ऑडिट प्रक्रिया का चक्र पूरा हुआ है, जिससे अब सरकार की जवाबदेही तय होगी।
विधायी कामकाज रहा सफल : 23 मार्च को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया गया। इसके बाद 24 मार्च को 2026-27 का बजट पेश हुआ, जिसे 27 मार्च को चर्चा के बाद सदन ने मंजूरी दे दी। इसी दौरान दिल्ली विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2026, दिल्ली विनियोग (संख्या 3) विधेयक 2026 और सोसाइटी पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 भी पास किए गए।
तकनीक के इस्तेमाल से काम तेज : सदन में इस बार विधान साथी नाम का एआई चैटबॉट लॉन्च किया गया, जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों में काम करता है। ये रियल टाइम में विधायकों को जानकारी देने और रिसर्च में मदद करता है, जिससे कामकाज और तेज और आसान हुआ। जनता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। नियम 280 के तहत 63 नोटिस मिले थे, जिनमें से 44 विशेष उल्लेख सदन में उठाए गए। इन मामलों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया है। सदन की वित्तीय समितियों, लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति और सरकारी उपक्रम समिति का गठन भी कर दिया गया है। हर समिति में नौ-नौ सदस्य रखे गए हैं, जिससे निगरानी की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
विपक्ष पर साधा निशाना : अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा एक जिम्मेदार मंच है और यहां व्यवधान के बजाय बहस होनी चाहिए। सदन नियमों के मुताबिक चलता है और जनप्रतिनिधियों से उम्मीद है कि वे जनता के मुद्दों पर गंभीरता से भाग लें, न कि बहिष्कार का रास्ता अपनाएं।
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विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के रवैये पर भी सवाल उठाए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली विधानसभा का हालिया सत्र विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद कामकाजी रहा। इस दौरान बजट और अहम विधेयक पास हुए, लंबित ऑडिट रिपोर्ट पेश की गईं और पहली बार सदन में विधान-साथी एआई चैटबॉट के इस्तेमाल से 44 मुद्दे उठाए गए। दिल्ली विधानसभा का आठवीं विधानसभा के चौथे सत्र का दूसरा चरण कई मायनों में अहम रहा। सदन ने 15 घंटे 16 मिनट तक कामकाज किया और बजट समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सत्र की जानकारी देते हुए विपक्ष के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 23 से 27 मार्च के बीच चार बैठकें हुईं, जिनमें सदन ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया। उनके मुताबिक, बिना किसी ठोस मुद्दे के सदन का बहिष्कार करना और बाहर रहकर भ्रम फैलाना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष के पास मुद्दे थे तो उन्हें सदन में आकर चर्चा करनी चाहिए थी। अध्यक्ष ने ये साफ किया कि निलंबन को लेकर विपक्ष को पहले ही नियमों की जानकारी दे दी गई थी। निलंबन सत्र समाप्त होने के साथ ही खत्म हो जाता है और नियमों के तहत ही कार्रवाई होती है।
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सत्र की उपलब्धियां बताईं : विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि कैग की सभी 7 लंबित रिपोर्टें सदन में पेश कर दी गई हैं और अब कोई भी रिपोर्ट लंबित नहीं है। इन रिपोर्टों को लोक लेखा समिति को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि 15 साल में पहली बार ऑडिट प्रक्रिया का चक्र पूरा हुआ है, जिससे अब सरकार की जवाबदेही तय होगी।
विधायी कामकाज रहा सफल : 23 मार्च को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया गया। इसके बाद 24 मार्च को 2026-27 का बजट पेश हुआ, जिसे 27 मार्च को चर्चा के बाद सदन ने मंजूरी दे दी। इसी दौरान दिल्ली विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2026, दिल्ली विनियोग (संख्या 3) विधेयक 2026 और सोसाइटी पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 भी पास किए गए।
तकनीक के इस्तेमाल से काम तेज : सदन में इस बार विधान साथी नाम का एआई चैटबॉट लॉन्च किया गया, जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों में काम करता है। ये रियल टाइम में विधायकों को जानकारी देने और रिसर्च में मदद करता है, जिससे कामकाज और तेज और आसान हुआ। जनता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। नियम 280 के तहत 63 नोटिस मिले थे, जिनमें से 44 विशेष उल्लेख सदन में उठाए गए। इन मामलों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया है। सदन की वित्तीय समितियों, लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति और सरकारी उपक्रम समिति का गठन भी कर दिया गया है। हर समिति में नौ-नौ सदस्य रखे गए हैं, जिससे निगरानी की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
विपक्ष पर साधा निशाना : अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा एक जिम्मेदार मंच है और यहां व्यवधान के बजाय बहस होनी चाहिए। सदन नियमों के मुताबिक चलता है और जनप्रतिनिधियों से उम्मीद है कि वे जनता के मुद्दों पर गंभीरता से भाग लें, न कि बहिष्कार का रास्ता अपनाएं।