{"_id":"69b04a102ff577acc40fe87b","slug":"total-station-survey-of-villages-and-water-bodies-of-dwarka-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-127151-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: द्वारका के शहरीकृत गांवों में जलाशयों और जमीन का होगा टोटल स्टेशन सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: द्वारका के शहरीकृत गांवों में जलाशयों और जमीन का होगा टोटल स्टेशन सर्वे
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्वे से भूमि सीमांकन, जलाशयों की स्थिति और योजनाओं के लिए तैयार होगा आधार
केवल अनुभवी एजेंसियां ही कर सकतीं हैं आवेदन, 22 लाख है अनुमानित लागत
शनि पाथौली
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में जलाशयों और अन्य भूमि क्षेत्रों की सटीक स्थिति जानने के लिए आधुनिक तकनीक से सर्वे कराने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) शहरीकृत गांवों के अंतर्गत आने वाले जल निकायों और आसपास की जमीन का टोटल स्टेशन सर्वे कराएगा। इसका उद्देश्य जमीन की वास्तविक स्थिति का पता लगाना, स्पष्ट सीमांकन करना और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए सटीक आधार तैयार करना है।
डीडीए द्वारा चयनित एजेंसी को सर्वे से जुड़े सभी कार्य 180 दिनों में पूरे करने होंगे। यह कार्य द्वारका के के-1 जोन में आने वाले शहरीकृत गांवों में किया जाएगा। इस कार्य को लेकर निविदा भी जारी कर दी गई है। इसे व्यवस्थित भूमि प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और नियोजित शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अतिक्रमण से अपना मूलरूप खो चुके जल निकाय
दिल्ली में भूमि सीमांकन और जलाशयों की वास्तविक स्थिति को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कई पुराने तालाब और जल निकाय अतिक्रमण या निर्माण गतिविधियों के कारण मूल स्वरूप खो चुके हैं। सर्वे के माध्यम से इन सभी क्षेत्रों का सटीक मापन कर विस्तृत नक्शे तैयार किए जाएंगे।
डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा भूमि रिकॉर्ड
सटीक डाटा उपलब्ध होने के बाद सड़क, पार्क, हरित क्षेत्र और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाना व्यवस्थित तरीके से संभव होगा। डाटा को डिजिटल प्रारूप में सुरक्षित रखा जा सकता है। यह अवैध कब्जों या जमीन के गलत उपयोग की पहचान करने में भी मददगार साबित होगी।
सर्वे के लिए वही एजेंसियां आवेदन कर सकेंगी, जिन्होंने सात वर्षों के दौरान सरकार या सार्वजनिक उपक्रमों के लिए ऐसे सर्वेक्षण या टोपोग्राफिक कार्य किए हों। इस कार्य की अनुमानित लागत लगभग 22 लाख रुपये है।
Trending Videos
केवल अनुभवी एजेंसियां ही कर सकतीं हैं आवेदन, 22 लाख है अनुमानित लागत
शनि पाथौली
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में जलाशयों और अन्य भूमि क्षेत्रों की सटीक स्थिति जानने के लिए आधुनिक तकनीक से सर्वे कराने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) शहरीकृत गांवों के अंतर्गत आने वाले जल निकायों और आसपास की जमीन का टोटल स्टेशन सर्वे कराएगा। इसका उद्देश्य जमीन की वास्तविक स्थिति का पता लगाना, स्पष्ट सीमांकन करना और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए सटीक आधार तैयार करना है।
डीडीए द्वारा चयनित एजेंसी को सर्वे से जुड़े सभी कार्य 180 दिनों में पूरे करने होंगे। यह कार्य द्वारका के के-1 जोन में आने वाले शहरीकृत गांवों में किया जाएगा। इस कार्य को लेकर निविदा भी जारी कर दी गई है। इसे व्यवस्थित भूमि प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और नियोजित शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अतिक्रमण से अपना मूलरूप खो चुके जल निकाय
दिल्ली में भूमि सीमांकन और जलाशयों की वास्तविक स्थिति को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कई पुराने तालाब और जल निकाय अतिक्रमण या निर्माण गतिविधियों के कारण मूल स्वरूप खो चुके हैं। सर्वे के माध्यम से इन सभी क्षेत्रों का सटीक मापन कर विस्तृत नक्शे तैयार किए जाएंगे।
डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा भूमि रिकॉर्ड
सटीक डाटा उपलब्ध होने के बाद सड़क, पार्क, हरित क्षेत्र और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाना व्यवस्थित तरीके से संभव होगा। डाटा को डिजिटल प्रारूप में सुरक्षित रखा जा सकता है। यह अवैध कब्जों या जमीन के गलत उपयोग की पहचान करने में भी मददगार साबित होगी।
सर्वे के लिए वही एजेंसियां आवेदन कर सकेंगी, जिन्होंने सात वर्षों के दौरान सरकार या सार्वजनिक उपक्रमों के लिए ऐसे सर्वेक्षण या टोपोग्राफिक कार्य किए हों। इस कार्य की अनुमानित लागत लगभग 22 लाख रुपये है।