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Delhi Air Pollution: प्रदूषण से लड़ाई तेज, 22 नई तकनीकों की होगी जमीनी जांच, नगर निगम ने दिया सफाई पर जोर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 11 Mar 2026 07:12 AM IST
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सार

अब इस पहल के तहत चुनी गई 22 नई तकनीकों का शहर के अलग-अलग प्रदूषण हॉटस्पॉट पर जल्द ही ऑन-ग्राउंड ट्रायल होगा।

Delhi: Fight against pollution intensifies, 22 new technologies to be tested on ground
Delhi Air Pollution - फोटो : ANI
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विस्तार

दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शुरू इनोवेशन चैलेंज को अगले चरण में पहुंचा दिया है। अब इस पहल के तहत चुनी गई 22 नई तकनीकों का शहर के अलग-अलग प्रदूषण हॉटस्पॉट पर जल्द ही ऑन-ग्राउंड ट्रायल होगा। दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इन तकनीकों का उद्देश्य वाहनों से निकलने वाले धुएं, धूल और हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को कम करना है। ट्रायल में यह देखा जाएगा कि कौन-सी तकनीक प्रदूषण को सबसे प्रभावी तरीके से कम करती है।

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सरकार के अनुसार, इस इनोवेशन चैलेंज में देशभर से कुल 284 प्रस्ताव मिले थे। विशेषज्ञों की तकनीकी समिति द्वारा जांच के बाद 22 डिवाइस को ट्रायल के लिए चुना है। इनमें से 13 तकनीक वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने पर केंद्रित हैं। इनमें व्हीकल-माउंटेड एयर प्यूरीफायर, बसों और ट्रकों के लिए रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल सिस्टम, बायो-अल्कलाइन एग्जॉस्ट स्क्रबर और जेनसेट्स के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपकरण शामिल हैं। वहीं, 9 तकनीक हवा को साफ करने और धूल कम करने के लिए बनाई गई हैं। इनमें स्टैटिक एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम, डस्ट सप्रेशन यूनिट और स्मॉग कंट्रोल तकनीकें शामिल हैं, जिन्हें खुले इलाकों, सड़क कॉरिडोर और औद्योगिक क्षेत्रों में लगाया जा सकता है।
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मंत्री सिरसा ने कहा कि इन ट्रायल का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कौन-सी तकनीक वास्तव में प्रदूषण को कम करने में कारगर साबित होती है और जिसे बड़े स्तर पर लागू किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ट्रायल वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से किए जाएं। साथ ही, पर्यावरण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ट्रायल के दौरान सभी उपकरणों के प्रदर्शन और डेटा की निगरानी करेंगे। इन नतीजों के आधार पर अंतिम विजेता तकनीक का चयन किया जाएगा और उसे दिल्ली की क्लीन एयर रणनीति में शामिल किया जाएगा।

स्थायी समिति अध्यक्ष ने सफाई पर दिया जोर
एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने मंगलवार को सभी 12 जोनों के उपायुक्तों और अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें शहर की सफाई व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से सड़कों के किनारे पड़े मलबे और निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) कचरे को प्राथमिकता के आधार पर हटाने पर जोर दिया गया।

सत्या शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि सड़कों, गलियों, रेलवे ट्रैक के आसपास और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा या मलबा किसी भी स्थिति में जमा नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी जोनों में नियमित निगरानी करते हुए सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। 

बैठक में 10 दिवसीय विशेष सघन स्वच्छता अभियान की भी समीक्षा की गई। इस अभियान के तहत रेलवे ट्रैक, सड़कों, गलियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से कचरा व निर्माण एवं विध्वंस मलबे हटाने की कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने जोनों में अवैध पार्किंग की समस्या पर भी ध्यान देने को कहा और निर्देश दिए कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 

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