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Delhi NCR News: मरोड़ा पीएचसी की बदहाली से ग्रामीण परेशान, डॉक्टर और स्टाफ की कमी से मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। खंड के गांव मरोड़ा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों में रोष है। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, लेकिन मरोड़ा पीएचसी में डॉक्टर और अन्य स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार अस्पताल पहुंचने के बाद भी उन्हें चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिलते, जिसके चलते मायूस होकर लौटना पड़ता है। हवननगर निवासी रमेश ने बताया कि वह हाल ही में एक परिचित के उपचार के लिए मरोड़ा पीएचसी पहुंचे थे। निर्धारित समय के बावजूद अस्पताल में न तो मेडिकल ऑफिसर मौजूद था और न ही अन्य स्टाफ कर्मी। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में जरूरी दवाओं की भी कमी है। इसके अलावा जांच के लिए उपलब्ध कई मशीनें लंबे समय से खराब पड़ी हैं और उनका उपयोग नहीं हो रहा है।
मामले को लेकर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि मरोड़ा पीएचसी में मेडिकल ऑफिसर की स्थायी तैनाती नहीं है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों और सीएमओ को पत्र भेजा जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही डॉक्टर की तैनाती की जाएगी। साथ ही अस्पताल में दवाओं और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी कमियों को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से पीएचसी में स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति, पर्याप्त स्टाफ, दवाओं की उपलब्धता और खराब जांच मशीनों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।
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नगीना। खंड के गांव मरोड़ा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों में रोष है। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, लेकिन मरोड़ा पीएचसी में डॉक्टर और अन्य स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार अस्पताल पहुंचने के बाद भी उन्हें चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिलते, जिसके चलते मायूस होकर लौटना पड़ता है। हवननगर निवासी रमेश ने बताया कि वह हाल ही में एक परिचित के उपचार के लिए मरोड़ा पीएचसी पहुंचे थे। निर्धारित समय के बावजूद अस्पताल में न तो मेडिकल ऑफिसर मौजूद था और न ही अन्य स्टाफ कर्मी। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में जरूरी दवाओं की भी कमी है। इसके अलावा जांच के लिए उपलब्ध कई मशीनें लंबे समय से खराब पड़ी हैं और उनका उपयोग नहीं हो रहा है।
मामले को लेकर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि मरोड़ा पीएचसी में मेडिकल ऑफिसर की स्थायी तैनाती नहीं है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों और सीएमओ को पत्र भेजा जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही डॉक्टर की तैनाती की जाएगी। साथ ही अस्पताल में दवाओं और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी कमियों को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से पीएचसी में स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति, पर्याप्त स्टाफ, दवाओं की उपलब्धता और खराब जांच मशीनों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।
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