{"_id":"69be9fbf04c9c2dff203e9b7","slug":"warning-issued-for-eye-drops-selling-without-permission-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-128793-2026-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: बिना मंजूरी वाली आई ड्रॉप्स को लेकर चेतावनी जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: बिना मंजूरी वाली आई ड्रॉप्स को लेकर चेतावनी जारी
विज्ञापन
विज्ञापन
सोडियम हायलुरोनेट आई ड्रॉप्स 0.3 फीसदी नाम से कुछ उत्पाद बिना जरूरी मंजूरी के बिक रहे
सीडीएससीओ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दवा नियंत्रकों को स्थानीय मंजूरी रद्द करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । सूखी आंखों की समस्या से राहत पाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ आई ड्रॉप्स को लेकर सरकार ने चेतावनी जारी की है। केंद्रीय दवा नियामक केंद्रीय औषधि मानक (सीडीएससीओ) नियंत्रण संगठन ने पाया है कि सोडियम हायलुरोनेट आई ड्रॉप्स 0.3 फीसदी नाम से कुछ उत्पाद बिना जरूरी मंजूरी के ही बाजार में बेचे जा रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीएससीओ ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दवा नियंत्रकों को निर्देश दिया है कि ऐसी दवाओं को दी गई किसी भी स्थानीय मंजूरी को तुरंत रद्द किया जाए और संबंधित निर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों के अनुसार, यह दवा नई दवा की श्रेणी में आती है, इसलिए इसे बाजार में बेचने से पहले केंद्रीय स्तर पर मंजूरी लेना अनिवार्य होता है। एम्स के आरपी सेंटर की नेत्र विशेषज्ञ नम्रता शर्मा ने बताया कि सूखी आंखों के इलाज के लिए लोग अक्सर आसानी से मिलने वाली आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन बिना जांच-परख वाले उत्पाद खतरनाक साबित हो सकते हैं। सेंटर के अन्य डॉक्टरों के अनुसार, ऐसी ड्रॉप्स से आंखों में जलन बढ़ सकती है, सूखापन और गंभीर हो सकता है और कंजंक्टिवाइटिस जैसे संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
Trending Videos
सीडीएससीओ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दवा नियंत्रकों को स्थानीय मंजूरी रद्द करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । सूखी आंखों की समस्या से राहत पाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ आई ड्रॉप्स को लेकर सरकार ने चेतावनी जारी की है। केंद्रीय दवा नियामक केंद्रीय औषधि मानक (सीडीएससीओ) नियंत्रण संगठन ने पाया है कि सोडियम हायलुरोनेट आई ड्रॉप्स 0.3 फीसदी नाम से कुछ उत्पाद बिना जरूरी मंजूरी के ही बाजार में बेचे जा रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीएससीओ ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दवा नियंत्रकों को निर्देश दिया है कि ऐसी दवाओं को दी गई किसी भी स्थानीय मंजूरी को तुरंत रद्द किया जाए और संबंधित निर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों के अनुसार, यह दवा नई दवा की श्रेणी में आती है, इसलिए इसे बाजार में बेचने से पहले केंद्रीय स्तर पर मंजूरी लेना अनिवार्य होता है। एम्स के आरपी सेंटर की नेत्र विशेषज्ञ नम्रता शर्मा ने बताया कि सूखी आंखों के इलाज के लिए लोग अक्सर आसानी से मिलने वाली आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन बिना जांच-परख वाले उत्पाद खतरनाक साबित हो सकते हैं। सेंटर के अन्य डॉक्टरों के अनुसार, ऐसी ड्रॉप्स से आंखों में जलन बढ़ सकती है, सूखापन और गंभीर हो सकता है और कंजंक्टिवाइटिस जैसे संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन