सीजेपी का दूसरा बड़ा कदम: CJP ने राकेश टिकैत से की मुलाकात, किसानों और युवाओं के मुद्दों पर मांगा समर्थन
सीजेपी ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत से मुलाकात कर किसान-युवा मुद्दों पर समर्थन मांगा। छात्रों का उत्पीड़न न रुकने पर पार्टी ने दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी।
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ताओं ने भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में छात्र आंदोलन स्थगित होने के बाद सीजेपी ने अपने आंदोलन को बड़े सामाजिक मुद्दों से जोड़ने के संकेत दिए हैं। सीजेपी के अनुसार, शिक्षा से जुड़े मुद्दों के साथ अब किसानों और युवाओं के सवालों को भी साझा मंच पर उठाया जाएगा। इसी मुद्दे को लेकर सीजेपी नेताओं ने राकेश टिकैत से समर्थन मांगा। उम्मीद की जा रही है कि भारतीय किसान यूनियन और सीजेपी आगे साथ में कोई बड़ा प्रदर्शन कर सकती है।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर छात्रों का उत्पीड़न नहीं रुका और उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी जल्द ही फिर से सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने कहा, '20 जुलाई को छात्रों ने पुलिस की लाठियां और खून-खराबा झेला। अगर सरकार इतने पर भी नहीं चेती और युवाओं का उत्पीड़न जारी रहा, तो हम बहुत जल्द दोबारा सड़कों पर उतरेंगे।'
यह बयान ऐसे समय आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। अदालत ने जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा करने का भी आदेश दिया, जबकि पहले से दर्ज एफआईआर की जांच जारी रखने की अनुमति दी।
'सरकार अदालत का हवाला देकर वादा निभाने से बच रही'
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि सरकार ने पहले सार्वजनिक रूप से भरोसा दिया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज नहीं होगी और पुराने मामले भी वापस लिए जाएंगे। लेकिन अब सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर कह रही है कि मामला अदालत में विचाराधीन है। दास ने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि मंगलवार तक सरकार लिखित आश्वासन देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को बहाना बनाकर अपने वादे से पीछे हट रही है।'