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Delhi: विवेक विहार से लक्ष्मी नगर तक लटकते तार और झुके खंभों से हादसे का डर, करंट से जा चुकी हैं कई जानें
Mon, 06 Jul 2026 05:27 AM IST
Digvijay Singh
सनी सिंह, अमर उजाला, दिल्ली
सनी सिंह, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Mon, 06 Jul 2026 05:27 AM IST
सार
रविवार को की गई पड़ताल में पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार, शकरपुर, प्रीत विहार, कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर, मंडावली और न्यू अशोक नगर समेत कई इलाकों में बिजली और केबल के तार नीचे लटकते तथा अव्यवस्थित मिले।
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बिजली के खुले और लटकते तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मानसून की बारिश के साथ राजधानी में बिजली के खुले और लटकते तार एक बार फिर लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में बारिश और जलभराव के दौरान करंट लगने से कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी पूरी तरह नहीं सुधरे हैं।
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रविवार को की गई पड़ताल में पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार, शकरपुर, प्रीत विहार, कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर, मंडावली और न्यू अशोक नगर समेत कई इलाकों में बिजली और केबल के तार नीचे लटकते तथा अव्यवस्थित मिले। कई स्थानों पर बिजली के खंभे भी झुके हुए दिखाई दिए, जिससे स्थानीय लोगों में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
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हम विवेक विहार के बी-ब्लॉक में पहुंचे तो यहां बिजली और इंटरनेट के तार आपस में उलझे दिखे। शकरपुर में बिजली के खंभों पर दर्जनों तार अव्यवस्थित ढंग से लटके दिखाई दिए। मंडावली की रेलवे कॉलोनी रोड पर पुराने और नए तारों का जाल बना हुआ है। लक्ष्मी नगर के गुरु रामदास नगर रोड पर कई जगह तार सामान्य ऊंचाई से काफी नीचे झूलते मिले, जबकि प्रीत विहार के विकास मार्ग पर एक बिजली का खंभा झुकी हुई स्थिति में मिला, जो किसी भी समय हादसे का कारण बन सकता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव होने पर सबसे बड़ा डर करंट फैलने का रहता है। उनका आरोप है कि हर मानसून से पहले सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया। कई बार शिकायतें करने के बावजूद संबंधित विभाग केवल अस्थायी मरम्मत कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर देता है।
हर बरसात में हादसों की खबरें सुनता हूं, लेकिन हमारे इलाके में आज तक तार ठीक नहीं हुए। -प्रमोद मेहता दिलशाद गार्डन
पानी भरते ही सबसे बड़ा डर करंट का रहता है। बच्चों को घर से बाहर निकालने में भी डर लगता है। -चंद्र अरोड़ा कृष्णा नगर
मैंने कई बार शिकायत की है, लेकिन सिर्फ अस्थायी मरम्मत होती है। -शिव बहादुर, विवेक विहार
तार इतने नीचे लटक रहे हैं कि कभी भी कोई वाहन या राहगीर इसकी चपेट में आ सकता है।-अमन वर्मा लक्ष्मी नगर