दिल्ली बना देश का सबसे बड़ा ई-बस हब: डीटीसी बेड़े में जुड़ीं 500 नई इलेक्ट्रिक बसें, कुल संख्या 4000 के पार
पर्यावरण और परिवहन की बेहतरी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने नई ई-बसों को बेड़े में शामिल किया है। अब बसों का बेड़ा 4000 के पार पहुंच गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को बड़ी मजबूती देते हुए दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बेड़े में रविवार को 500 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गईं। रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों के शामिल होने से दिल्ली में ईवी बसों की संख्या 4,000 के पार पहुंच गई है। अब दिल्ली देश का सबसे बड़ा ई-बस हब बन गई है। पर्यावरण और परिवहन की बेहतरी के लिए उठाए गए इस कदम से सरकार ने प्रदूषण पर भी वार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के इतिहास में यह पहली बार है जब एक साथ 500 इलेक्ट्रिक बसों को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ा गया है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक ई-बसों की संख्या 7,500 और वर्ष 2028 तक 14,000 तक पहुंचाने का है। नई बसों के संचालन से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी और प्रदूषण-मुक्त यात्रा का लाभ मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे डीटीसी की सेवाएं अधिक भरोसेमंद और सशक्त होंगी। रामलीला मैदान में बसों के शुभारंभ के मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार का परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड कागजी आंकड़ों में नहीं, बल्कि दिल्ली की सड़कों पर दौड़ती आधुनिक बसों और यात्रियों को मिल रही सुविधाओं में दिखाई देता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार डीटीसी को भारी घाटे और अव्यवस्था में छोड़ गई थी, जबकि मौजूदा सरकार उसे आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जल्द एक व्यापक ईवी पॉलिसी लेकर आएगी और पिछली सरकार के समय लंबित रही ईवी सब्सिडी के 40 करोड़ रुपये का भुगतान भी सुनिश्चित किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि दिल्ली की जनता ने प्रचंड बहुमत देकर एक मजबूत और निर्णायक सरकार को चुना है, जिसका परिणाम एक वर्ष के भीतर जमीन पर दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने केवल घोषणाएं कीं, जबकि वर्तमान सरकार ने काम करके दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 फरवरी 2025 का दिन दिल्ली के लिए ऐतिहासिक था, जब दिल्ली की जनता ने 70 में से 48 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को आशीर्वाद देकर स्पष्ट जनादेश दिया। उसी दिन से दिल्ली के विकास की नई नींव रखी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 वर्षों के बाद दिल्ली में भाजपा सरकार बनी और उसी क्षण से राजधानी में विकास और विश्वास की नई रेखाएं खींची जाने लगीं। उन्होंने कहा कि हमारे सभी विधायक, मंत्री और पूरी टीम ने बीते 365 दिनों में दिल्ली की जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
दिल्ली से पानीपत के लिए शुरू हुई डीटीसी की ई-बस सेवा
परिवहन निगम ने दिल्ली-पानीपत अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की है। इस रूट पर दिल्ली सरकार ने कई ई-बसें चलाने का फैसला लिया है। करीब 86 किलोमीटर लंबे रूट पर संचालित बसें सिंघु बॉर्डर, राय, बहालगढ़, मुरथल, समालखा सहित कई प्रमुख स्थानों से होकर गुजरेगी। दिल्ली से सुबह 7:00, 7:30, 8:30 और दोपहर 3:00, शाम 4:00 व 5:00 बजे बसें चलेंगी, जबकि पानीपत से दिल्ली के लिए सुबह 10:00, 10:30, 11:30 और शाम 6:00, 7:00 और रात 8:00 बजे सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।