Digital Arrest: एक-दो दिन नहीं पूरे 58 दिनों तक महिला को रखा डिजिटल अरेस्ट, बेटे को जेल भेजने का दिखाया डर
साइबर सेल ने डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के दो मुख्य आरोपी अनीश सिंह और मणि सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने एक पीड़िता को 58 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट पर रखा।
विस्तार
दिल्ली क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों अनीश सिंह और मणि सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़िता को 58 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आरोपी लोगों को पुलिस अधिकारी बनकर डराते थे और मानसिक दबाव बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। इनके बैंक खातें 190 एनसीपीआर शिकायतों/एफआईआर से जुड़ा है, इन अकाउंट्स में लगभग 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की रकम जमा है।
जांच में क्या सामने आया
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों के खातों से जुड़ीं 190 से ज्यादा एनसीआरपी शिकायतें और एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें करीब 100 करोड़ से अधिक की ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।
जानिए क्या है मामला
पीड़िता एक गृहिणी हैं, जिनका बेटा इंजीनियर है। 15 अक्टूबर 2025 से 12 दिसंबर 2025 के बीच उन्हें खुद को मुंबई साइबर क्राइम का आईपीएस अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने कॉल किया और कहा कि उनके आधार कार्ड से अपराध हुआ है। इसके बाद एक महिला फर्जी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर जुड़ी और पीड़िता को फर्जी एफआईआर और गिरफ्तारी वारंट दिखाए। आरोपियों ने पीड़िता को यह कहकर डराया कि उनके पति और बेटे को भी जेल भेज दिया जाएगा।