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ब्लॉकिंग पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त: इन दो एक्स पैरोडी अकाउंट को बहाल करने का आदेश, आपत्तिजनक पोस्ट पर रोक बरकरार
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Mon, 06 Apr 2026 06:03 PM IST
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सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्स पर संचालित ‘डॉ. नीमो यादव’ और 'नेहर हू' पैरोडी अकाउंट को तुरंत बहाल करने का आदेश दिया। हालांकि, आपत्तिजनक बताए गए ट्वीट्स फिलहाल ब्लॉक रहेंगे और मामले की समीक्षा समिति के समक्ष सुनवाई जारी रहेगी।
कोर्ट का फैसला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्स (X) पर संचालित पैरोडी अकाउंट 'डॉ. नीमो यादव' को तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है। यह अकाउंट याचिकाकर्ता प्रतीक शर्मा द्वारा चलाया जाता है। पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने यह निर्देश अकाउंट ब्लॉक किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने 'नेहर हू' अकाउंट चलाने वाले कुमार नयन की याचिका पर भी समान आदेश जारी किए, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश पर ब्लॉक किए गए बारह अकाउंट्स में शामिल था।
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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वृंदा ग्रोवर और केंद्र सरकार की ओर से एएसजी चेतन शर्मा के बीच बहस हुई। अदालत ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत जारी ब्लॉकिंग आदेशों की समीक्षा की। सुनवाई के बाद अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता का पूरा अकाउंट तुरंत बहाल किया जाए। हालांकि, जिन ट्वीट्स को आपत्तिजनक बताया गया है, वे फिलहाल अस्थायी रूप से ब्लॉक रहेंगे। अदालत ने आगे निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की समीक्षा समिति के सामने पेश हों।
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याचिकाकर्ताओं के तर्क
वृंदा ग्रोवर ने बताया कि याचिकाकर्ता ने पच्चीस मार्च को हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्हें एक्स प्लेटफॉर्म से सूचना मिली थी कि उन्नीस मार्च को उनके अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया गया है। ग्रोवर ने तर्क दिया कि यह ब्लॉकिंग आदेश धारा 69ए के दायरे में नहीं आता। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है। अदालत से इस आदेश की वैधता पर विचार करने का आग्रह किया गया।
केंद्र सरकार का पक्ष
एएसजी चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता को समीक्षा समिति के समक्ष पेश होने के लिए ईमेल भेजे गए थे। उन्होंने ब्लॉकिंग नियमों के नियम चौदह का हवाला दिया। शर्मा ने कहा कि याचिकाकर्ता तुरंत समिति के सामने पेश हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि चार अप्रैल को भी एक ईमेल भेजा गया था। एएसजी ने जोर दिया कि यह प्रक्रिया आवश्यक है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए।
अदालत कुमार नयन की एक नई याचिका पर भी सुनवाई कर रही थी, जो 'नेहर हू' अकाउंट संचालित करते हैं। इससे पहले एक्स कॉर्प ने अदालत को बताया था कि यह अकाउंट इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आदेश पर ब्लॉक किया गया था। इस अकाउंट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किए गए थे। एक्स कॉर्प ने केंद्र सरकार से बारह अकाउंट्स की ब्लॉकिंग आदेश की समीक्षा मांगी थी, जिनमें 'डॉ. नीमो यादव' अकाउंट भी था।