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Delhi Airport: सालाना पैसेंजर हैंडलिंग क्षमता को 125 मिलियन तक बढ़ाने की योजना, 2036 तक दिया जाएगा अंतिम रूप
Sun, 16 Aug 2026 05:23 PM IST
Digvijay Singh
पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 16 Aug 2026 05:23 PM IST
सार
दिल्ली एयरपोर्ट अपनी सालाना यात्री प्रबंधन क्षमता बढ़ाने की योजना बना रहा है। प्रस्तावित दस-वर्षीय मास्टर प्लान के तहत इसे मौजूदा 106 मिलियन से बढ़ाकर 125 मिलियन करने की योजना बना रहा है।
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दिल्ली एयरपोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली एयरपोर्ट अपनी सालाना यात्री प्रबंधन क्षमता बढ़ाने की योजना बना रहा है। प्रस्तावित दस-वर्षीय मास्टर प्लान के तहत इसे मौजूदा 106 मिलियन से बढ़ाकर 125 मिलियन करने की योजना बना रहा है। इस योजना को 2036 तक हितधारकों के साथ बातचीत के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।
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दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड राष्ट्रीय राजधानी में स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन करता है। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है, जिसमें तीन टर्मिनल - टी वन, टी दो और टी तीन हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन केवल टी तीन से होता है। पहले चरण में, अप्रैल 2030 तक सालाना यात्री प्रबंधन क्षमता को पहले चरण में अप्रैल 2030 तक सालाना पैसेंजर हैंडलिंग क्षमता को 116 मिलियन तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। पीटीआई सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 2032 तक इस क्षमता को और बढ़ाकर 125 मिलियन कर दिया जाएगा। वर्तमान में एयरपोर्ट की सालाना पैसेंजर हैंडलिंग क्षमता 106 मिलियन है, जो तीनों टर्मिनलों में बंटी हुई है। तीनों टर्मिनल की क्षमता क्रमशः 42 मिलियन, 14 मिलियन और 50 मिलियन है।
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विस्तार योजनाएं
मास्टर प्लान के तहत दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड अप्रैल 2030 तक टर्मिनल तीन पर दस लाख की क्षमता वाला 'पियर ई' बनाने का प्रस्ताव कर रहा है। पियर मुख्य टर्मिनल भवन से जुड़ी एक संरचना होती है, जो यात्रियों को विमान में प्रवेश के लिए एयरोब्रिज का उपयोग करने देती है। ऑटोमेटेड पीपल मूवर सिस्टम के लिए 7.5 किलोमीटर का रास्ता तय किया जाएगा। यह सिस्टम यात्रियों को टर्मिनल एक और अन्य दो टर्मिनलों के बीच आवागमन में सुविधा देगा। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर टर्मिनल दो को टर्मिनल चार में बदलने पर भी विचार किया जा सकता है।
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यात्री संख्या और संचालन
अभी टर्मिनल तीन में चार पियर हैं, जिनमें से पियर ए और बी अंतरराष्ट्रीय संचालन के लिए हैं। पियर सी और डी घरेलू संचालन के लिए थे, लेकिन पियर सी अब अंतरराष्ट्रीय संचालन के लिए बदल दिया गया है। जीएमआर ग्रुप के नेतृत्व वाले संघ दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड द्वारा संचालित दिल्ली एयरपोर्ट पर जुलाई में 60 लाख यात्री आए। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 3.7 फीसदी अधिक है। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई तक कुल यात्री संख्या 2.64 करोड़ रही है।