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केंद्र सरकार की बड़ी योजना, यूजी के पाठयक्रमों को आधा करने की तैयारी
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 29 Sep 2018 11:24 AM IST
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केंद्रीय, स्टेट, डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी व प्राइवेट यूनिवर्सिटी में 2019 सत्र से अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के 37 विषयों का पाठ्यक्रम बदल जाएगा। केंद्र सरकार आर्ट्स, कॉमर्स व साइंस स्ट्रीम के मुख्य विषयों में पाठ्यक्रम बदल रही है।
केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, यूजीसी के 1956 में गठन के बाद अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में मार्केट डिमांड के आधार पर आर्ट्स, कॉमर्स व साइंस स्ट्रीम में नए-नए विषय कोर्स में शामिल होते चले गए।
पिछले 62 साल से पाठ्यक्रम का विस्तार हुआ, लेकिन बदलाव नहीं। उच्च शिक्षा में पहली बार अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के 37 मुख्य विषयों के पाठ्यक्रम में बदलाव होने जा रहा है। यूजीसी ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों की अध्यक्षता में पाठ्यक्रम बदलाव कमेटी बना रखी है, जोकि देश के सभी विश्वविद्यालयों में जाकर विशेषज्ञों से बात करते हुए पाठ्यक्रम तैयार करेगी।
अधिकारी के मुताबिक, अभी पाठ्यक्रम में ऐसे विषय हैं, जिसकी पढ़ाई का छात्रों को कोई लाभ नहीं मिलता है, इसलिए पाठ्यक्रम से ऐसे विषयों को अलग कर दिया जाएगा। पढ़ाई का मकसद छात्रों को रोजगार से जोड़ना है। इसी को ध्यान में रखते हुए बदलाव होगा।
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लिखित की बजाय प्रैक्टिकल ज्यादा
फिलहाल अभी तक पाठ्यक्रम में प्रैक्टिकल की बजाय लिखित पर अधिक फोकस किया जाता है। सरकार अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में ऑन डिमांड परीक्षा योजना को लागू करना चाहती है। इसी के चलते विशेषज्ञ नए पाठ्यक्रम में लिखित की बजाय प्रैक्टिकल पर अधिक फोकस रखेंगे। दरअसल प्रैक्टिकल में अब छात्रों को मार्केट में ले जाकर वहां के अनुभवों को भी शामिल किया जाएगा।
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