CBSE Class 12th: परीक्षा के प्रश्नपत्र में अंकन त्रुटियों की कोई गुंजाइश नहीं, शिक्षा मंत्रालय ने जताया भरोसा
CBSE: शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने सीबीएसई कक्षा 12 के मूल्यांकन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया गया है। करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया गया है
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CBSE: शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने सीबीएसई कक्षा 12 के मूल्यांकन से जुड़े मुद्दों पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार परीक्षा में एक नई व्यवस्था यानी, ऑन-स्क्रीन मार्किंग अपनाई गई। उन्होंने बताया कि परीक्षा में शामिल छात्रों की लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के तीन स्तर रखे गए, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या डेटा लीक की संभावना न रहे।
सचिव संजय कुमार ने कहा कि कक्षा 12वीं की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पर विशेष ध्यान दिया गया है, और इस बात पर जोर दिया कि अंकन त्रुटियों की कोई गुंजाइश नहीं है।
उन्होंने कहा कि कई छात्रों को अंकन या कुल योग को लेकर चिंताएं हैं और उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली का उपयोग करके की गई थी।
शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने सीबीएसई कक्षा 12 के मूल्यांकन संबंधी मुद्दों पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "यह ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम कोई नई बात नहीं है और न ही इसे पहली बार लागू किया जा रहा है। सीबीएसई ने 2014 में ओएसएम (ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम) शुरू किया था। उस समय, तकनीकी दृष्टिकोण से, मौजूदा बुनियादी ढांचे और व्यवस्था के कारण इसे तुरंत जारी रखना संभव नहीं समझा गया था। हालांकि, हमने इसे इस वर्ष फिर से शुरू किया है।"
क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर भी जांच संभव
इस प्रक्रिया के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा कोडिंग और नंबरिंग की जांच की गई ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से कहीं भी भेजा जा सके।
OSM (ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम) का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन क्षेत्रीय कार्यालय की सीमाओं से बाहर भी किया जा सकता है। पहले यह काम केवल संबंधित क्षेत्र के भीतर ही होता था, लेकिन अब इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष हो गई है।
जानें आवेदन से लेकर नए मार्कशीट तक के नियम
CBSE की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, इसलिए छात्रों को आवेदन भी ऑनलाइन ही करना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। फीस का भुगतान केवल डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए किया जा सकेगा, नकद या किसी अन्य माध्यम से भुगतान मान्य नहीं होगा। अगर आवेदन नियमों के अनुसार नहीं भरा गया, तो उसे सीधे रद्द कर दिया जाएगा।
छात्र हर चरण के लिए केवल एक बार आवेदन कर सकते हैं, इसलिए पहले ही तय करना होगा कि कितने विषयों के लिए आवेदन करना है। रिवैल्यूएशन के बाद अंकों में बढ़ोतरी या कमी दोनों हो सकती है, यहां तक कि 1 अंक का भी बदलाव संभव है। यदि नंबर बदलते हैं, तो छात्र को पुरानी मार्कशीट जमा करनी होगी, जिसके बाद नई मार्कशीट जारी की जाएगी।