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NCERT: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, एनसीईआरटी को मिला डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा; अब खुद तय करेगी पाठ्यक्रम

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Shahin Praveen Updated Fri, 03 Apr 2026 10:09 AM IST
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सार

NCERT: केंद्र सरकार ने एनसीईआरटी को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की मंजूरी दे दी है। अब एनसीईआरटी अपने कोर्स और पढ़ाई से जुड़े फैसले खुद ले सकेगी

Centre Approves Deemed University Status for NCERT, Can Now Run Its Own Courses
NCERT - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार

NCERT:  केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की सलाह पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को “डीम्ड यूनिवर्सिटी” का दर्जा दे दिया है। इससे अब एनसीईआरटी को विश्वविद्यालय की तरह काम करने की आजादी मिलेगी, लेकिन इसके साथ कई जरूरी शर्तें भी लागू की गई हैं। 

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एनसीईआरटी ने 2025 में सभी शर्तें पूरी करने की रिपोर्ट सरकार को दी। इसके बाद यूजीसी की विशेषज्ञ समिति ने इस रिपोर्ट की जांच की और इसे सही पाया। यूजीसी आयोग ने जनवरी 2026 में अपनी बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने इसे अंतिम रूप दे दिया।
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किन संस्थानों को शामिल किया गया?

एनसीईआरटी ने यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 3 के तहत डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के लिए आवेदन किया था। यह आवेदन यूजीसी पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया गया था। यूजीसी ने इस आवेदन की जांच की और 2023 में कुछ शर्तों के साथ “लेटर ऑफ इंटेंट” (LOI) जारी किया। इसमें एनसीईआरटी को 3 साल के अंदर सभी शर्तें पूरी करने के लिए कहा गया।

इस प्रस्ताव में एनसीईआरटी के 6 प्रमुख संस्थानों को शामिल किया गया है। इनमें अजमेर (राजस्थान), भोपाल (मध्य प्रदेश), भुवनेश्वर (ओडिशा), मैसूर (कर्नाटक), शिलांग (मेघालय) और भोपाल का पंडित सुंदरलाल शर्मा व्यावसायिक शिक्षा संस्थान शामिल हैं। इन सभी संस्थानों को मिलाकर एनसीईआरटी को एक विशेष श्रेणी में विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है।

किन शर्तों के साथ मिला दर्जा?

सरकार ने एनसीईआरटी को कुछ सख्त शर्तों के साथ यह दर्जा दिया है। संस्थान अपनी संपत्ति या फंड बिना सरकार और यूजीसी की अनुमति के ट्रांसफर नहीं कर सकता। साथ ही, वह किसी भी तरह की मुनाफा कमाने वाली गतिविधि में शामिल नहीं होगा।

पढ़ाई और कोर्स से जुड़े नियम

एनसीईआरटी को अपने सभी कोर्स यूजीसी और अन्य शिक्षा संस्थाओं के नियमों के अनुसार ही चलाने होंगे। नए कोर्स, ऑफ-कैंपस सेंटर या विदेशी कैंपस भी तय नियमों के तहत ही शुरू किए जा सकेंगे। छात्रों के एडमिशन, सीटों की संख्या और फीस से जुड़े सभी नियमों का पालन करना भी जरूरी होगा।

रिसर्च और गुणवत्ता पर जोर

एनसीईआरटी को रिसर्च, पीएचडी और नए शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना होगा। साथ ही, उसे NAAC और NBA जैसी संस्थाओं से मान्यता लेनी होगी। इसके अलावा, संस्थान को हर साल NIRF रैंकिंग में भी भाग लेना अनिवार्य होगा, ताकि उसकी गुणवत्ता और प्रदर्शन का आकलन किया जा सके।

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