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CUET UG: यूजीसी प्रमुख बोले- सीयूईटी से खत्म नहीं होगी बोर्ड की अहमियत; सबको समान मौका मिले, यही उद्देश्य

Wed, 17 May 2023 06:53 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Wed, 17 May 2023 06:53 PM IST
सार

CUET UG 2023: यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने सीयूईटी की प्रासंगिकता को लेकर बड़ा बयान दिया है।

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CUET UG not to make board exams redundant UGC Chairman Jagadesh Kumar
Prof M Jagadesh Kumar, UGC Chief - फोटो : Social Media

विस्तार

CUET UG 2023: यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने सीयूईटी की प्रासंगिकता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) यूजी का उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं की अहमियत को कम करना नहीं, बल्कि इसके जरिये शीर्ष विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए सबको समान अवसर मिले, यह सुनिश्चित करना है। सीयूईटी यूजी 21 मई से शुरू होने वाली है। इस वर्ष सीयूईटी यूजी के लिए लगभग 14 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो पिछले वर्ष से 41 फीसदी अधिक है।  

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इस वर्ष सीबीएसई कक्षा 12वीं में 90 प्रतिशत और 95 प्रतिशत से अधिक स्कोर करने वाले छात्रों की संख्या और पास प्रतिशत में गिरावट आई है। इसने इस बहस को शुरू कर दिया है कि क्या सीयूईटी ने छात्रों का ध्यान बोर्ड परीक्षाओं से हटा लिया है।

इस पर यूजीसी प्रमुख प्रोफेसर कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए मूल पात्रता मानदंड मान्यता प्राप्त बोर्ड या समकक्ष से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। बोर्ड परीक्षा उपलब्धि व पात्रता परीक्षा है जबकि CUET UG प्रवेश चयन परीक्षा है। इसलिए, कक्षा 12वीं स्तर पर बोर्ड परीक्षाओं के अप्रासंगिक होने की संभावना नहीं है। 
 

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रमुख ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर सभी विश्वविद्यालयों और जेईई मेन (इंजीनियरिंग) और नीट (मेडिकल) जैसी अन्य परीक्षाओं में प्रवेश के लिए बुनियादी पात्रता मानदंड एक महत्वपूर्ण कारक है। विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा के सिद्धांतों के लिए एक सामान्य परीक्षण की आवश्यकता होती है। ये परीक्षाएं वैचारिक समझ और ज्ञान को लागू करने की क्षमता का परीक्षण करेंगी और इन परीक्षाओं के लिए कोचिंग लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

 

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उन्होंने कहा, छात्र परीक्षा देने के लिए विषयों का चयन करने में सक्षम हैं और प्रत्येक विश्वविद्यालय प्रत्येक छात्र के व्यक्तिगत विषय पोर्टफोलियो को देखने और छात्रों को उनके पसंदीदा कार्यक्रमों में प्रवेश देने में सक्षम होगा। कुमार ने कहा कि सीयूईटी की शुरुआत के साथ, उन पर एक और एकमात्र बोर्ड परीक्षा में बहुत अधिक अंक हासिल करने का तनाव कम हो गया है।  
 

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