ICAI: सीए छात्रों के लिए आर्टिकलशिप के दौरान डिजिटल ट्रेनिंग डायरी अनिवार्य, आईसीएआई का बड़ा फैसला
ICAI: आईसीएआई ने 1 जनवरी 2026 से आर्टिकलशिप शुरू करने वाले सीए छात्रों के लिए डिजिटल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग डायरी को अनिवार्य कर दिया है। ई-डायरी से ट्रेनिंग की निगरानी मजबूत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और स्टाइपेंड, उपस्थिति व कार्य विवरण डिजिटल रूप से दर्ज किए जाएंगे।
विस्तार
ICAI: भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान (ICAI) ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) के छात्रों के लिए डिजिटल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग डायरी यानी ई-डायरी (E-Diary) को अनिवार्य कर दिया है। यह व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से उन सभी छात्रों पर लागू होगी, जो अपनी आर्टिकल्ड ट्रेनिंग शुरू करेंगे।
आईसीएआई ने एक आधिकारिक नोट में कहा कि इस पहल का उद्देश्य आर्टिकलशिप ट्रेनिंग की निगरानी को मजबूत करना, अलग-अलग फर्मों में प्रशिक्षण के स्तर में एकरूपता लाना, मैनुअल रिकॉर्ड पर निर्भरता कम करना और स्टाइपेंड से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रूप से दर्ज करना है।
आर्टिकलशिप ट्रेनिंग को अधिक संरचित और पारदर्शी बनाने की पहल
आईसीएआई के मुताबिक, यह कदम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग को अधिक संरचित, पारदर्शी और पेशे की बदलती जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में उठाया गया है। ई-डायरी एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगी, जहां आर्टिकल ट्रेनी अपनी रोजाना की उपस्थिति और किए गए कार्यों का विवरण दर्ज करेंगे।
इससे प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का समयबद्ध, सत्यापित और रिकॉर्ड आधारित डेटा उपलब्ध होगा, जिससे छात्रों के कार्य अनुभव का डिजिटल प्रमाण भी तैयार होगा।
बोर्ड ऑफ स्टडीज ने किया प्लेटफॉर्म का विकास
ई-डायरी प्लेटफॉर्म को आईसीएआई के बोर्ड ऑफ स्टडीज (ऑपरेशंस) ने मेंबर्स और स्टूडेंट सर्विसेज डायरेक्टोरेट के सहयोग से विकसित किया है। यह प्लेटफॉर्म आईसीएआई के कंपिटेंसी-बेस्ड ट्रेनिंग फ्रेमवर्क के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि देशभर में आर्टिकलशिप ट्रेनिंग की निगरानी और मूल्यांकन में समानता लाई जा सके।
आईसीएआई अध्यक्ष ने क्या कहा
आईसीएआई के अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने कहा कि ई-डायरी आर्टिकलशिप ट्रेनिंग का एक प्रमाणिक डिजिटल रिकॉर्ड होगी। इससे न केवल आर्टिकल ट्रेनी की गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि उभरते हुए प्रोफेशनल एक्सपोजर के क्षेत्रों की पहचान भी आसान होगी। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम छात्रों और प्रिंसिपल्स दोनों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा।
कैसे काम करेगी आईसीएआई की ई-डायरी
ई-डायरी के जरिए आर्टिकल ट्रेनी रोजाना अपनी उपस्थिति और किए गए कार्यों का विवरण डिजिटल रूप से दर्ज करेंगे। सभी एंट्री समय के साथ स्वतः रिकॉर्ड होंगी।
ट्रेनी द्वारा दर्ज कार्य विवरण को हर पखवाड़े समीक्षा के लिए सबमिट किया जाएगा। इसके बाद संबंधित प्रिंसिपल निर्धारित समय सीमा के भीतर सुझाव दे सकेंगे और एंट्री को मंजूरी देंगे। तय समय में मंजूरी नहीं मिलने पर इसे स्वतः स्वीकृत (Deemed Approval) माना जाएगा।
छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं
- अपनी एंट्री में बदलाव कर सकेंगे
- अप्रूवल स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे
- सेल्फ सर्विस पोर्टल (SSP) लॉगिन के जरिए ई-डायरी एक्सेस कर सकेंगे
यह सिस्टम आईसीएआई के ट्रेनिंग रेगुलेशंस के अनुरूप होगा और जहां लागू हो, वहां फॉर्म 109 से भी जुड़ा रहेगा। इसके अलावा, इसमें स्टाइपेंड से जुड़ी जानकारी भी डिजिटल रूप से दिखाई देगी।
ट्रेनिंग की गुणवत्ता और स्किल गैप पहचानने में मदद
आईसीएआई के अनुसार, ई-डायरी से ट्रेनिंग और लर्निंग आउटकम्स में समानता आएगी। इससे काम के अनुभव की नियमित समीक्षा, स्किल गैप की पहचान और ट्रेनिंग एरिया को प्राथमिकता देने में मदद मिलेगी। यह सिस्टम स्टाइपेंड रिकॉर्ड, लीव ट्रैकिंग और ट्रेनिंग कंप्लीशन जैसी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी आसान बनाएगा।
सीए प्रिंसिपल्स के लिए भी फायदेमंद
सीए प्रिंसिपल्स को इस प्लेटफॉर्म के जरिए आर्टिकल ट्रेनी की उपस्थिति और किए गए कार्यों की रियल-टाइम जानकारी मिलेगी। इससे बेहतर मेंटरिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और ट्रेनिंग मॉनिटरिंग संभव होगी। डिजिटल अप्रूवल, एमआईएस रिपोर्ट्स और सिस्टम अलर्ट के जरिए मैनुअल रिकॉर्ड-कीपिंग की जरूरत कम होगी, जिससे प्रशासनिक बोझ भी घटेगा।