Nanded University: नांदेड़ यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला, कमियों के चलते 24 कॉलेजों में BSc एडमिशन पर रोक
Nanded University: नांदेड़ स्थित स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय ने बड़ा कदम उठाते हुए 24 कॉलेजों में बीएससी पाठ्यक्रम में नए दाखिलों पर रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय ने यह फैसला संबंधित कॉलेजों में पाई गई शैक्षणिक और प्रशासनिक कमियों के कारण लिया है।
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SRTMU: महाराष्ट्र के नांदेड़ में स्थित स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए अपने 24 संबद्ध कॉलेजों में बीएससी प्रथम वर्ष में दाखिले पर रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय को इन कॉलेजों में पढ़ाई और प्रशासन से जुड़ी कई गंभीर कमियां मिली थीं, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
यूनिवर्सिटी के एकेडमिक एफिलिएशन डिपार्टमेंट के अनुसार, जांच में पता चला कि B.Sc प्रोग्राम चलाने वाले कई कॉलेजों में जरूरी लेबोरेटरी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी थी। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कई कॉलेजों में क्वालिफाइड टीचिंग स्टाफ और प्रिंसिपल की नियुक्ति नहीं की गई थी, जबकि कुछ कॉलेज ऑनलाइन एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव ऑडिट के लिए जरूरी प्रपोजल जमा करने में नाकाम रहे।
जांच में मिलीं कई गंभीर कमियां
यूनिवर्सिटी की जांच में पता चला कि कई कॉलेजों में बीएससी पाठ्यक्रम के लिए जरूरी लैब सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। इसके अलावा कुछ कॉलेजों में योग्य शिक्षकों और प्रिंसिपल की नियुक्ति भी नहीं की गई थी। कई संस्थान ऑनलाइन शैक्षणिक और प्रशासनिक ऑडिट के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रस्ताव समय पर जमा करने में भी असफल रहे।
इन्हीं कमियों को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने नांदेड़, हिंगोली, लातूर और परभणी जिलों के 24 कॉलेजों में बीएससी प्रथम वर्ष के दाखिलों पर रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय का कहना है कि जब तक ये कॉलेज आवश्यक मानकों और सुविधाओं को पूरा नहीं करते, तब तक वहां नए छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
कमियां दूर होने तक दाखिले रहेंगे बंद
अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में उन कॉलेजों को भी शामिल किया गया है जो निरीक्षण प्रक्रिया में असफल रहे या मूल्यांकन के दौरान उन्हें 'F' ग्रेड मिला। इन कॉलेजों में जरूरी सुविधाओं और मानकों की कमी पाई गई, इसलिए यूनिवर्सिटी ने वहां बीएससी प्रथम वर्ष के दाखिलों पर रोक लगा दी है। यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक संबंधित कॉलेज अपनी कमियों को दूर नहीं कर लेते।
यूनिवर्सिटी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी कॉलेज में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता, लैब सुविधाओं और आधिकारिक स्थिति की जांच जरूर कर लें। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए लिया गया है।