NEET UG 2022: कई राज्यों में भीषण बाढ़ की आफत, कैसे होगी नीट परीक्षा? यहां पढ़ें
NEET UG 2022: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी/एनटीए की ओर से आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानि की NEET UG 2022 के लिए 18 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है।
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NEET UG 2022: देश के कई राज्य इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। सैकड़ों लोग इस बाढ़ में अपनी जान गवां चुके हैं और हजारों बेघर भी हो गए हैं। अनेक शहरों में परिवहन से लेकर आम जन-जीवन अस्त व्यस्त पड़ गया है। ऐसे में बड़ा सवाल 17 जुलाई, 2022 को होने वाली देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा- नीट यूजी, 2022 को लेकर पैदा हो गया है। इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति है कि इस मुसीबत के समय में इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा का आयोजन कैसे हो पाएगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी गुरुवार को नीट यूजी को टालने की छात्रों की याचिका को खारिज कर दिया है।
इन राज्यों में मची है तबाही
देश में बाढ़ से तबाही की बात करें तो अभी महाराष्ट्र, गुजरात, असम समेत कई अहम राज्य बाढ़ की चपेट में हैं। इसके अलावा हिमाचल, राजस्थान समेत कई अन्य राज्यों में भी बाढ़ ने हालत खराब कर रखी है। इन राज्यों के कई प्रमुख शहरों में बाढ़ से तबाही मची हुई है।
तबाही के कुछ आंकड़े
- महाराष्ट्र के सात जिलों में रेड अलर्ट और छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
- जून महीने से लेकर अब तक महाराष्ट्र में 80 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं।
- 800 से अधिक घर क्षतिग्रस्त, 180 जानवरों की भी मौत हुई है
- जून महीने से लेकर अब तक गुजरात में 70 लोग जान गंवा चुके हैं। अहमदाबाद का हाल सबसे बुरा।
- असम में अब तक बाढ़ ने 192 लोगों की जान ले ली है। लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
18 लाख से अधिक छात्रों ने किया है आवेदन
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी/एनटीए की ओर से आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानि की NEET UG 2022 के लिए 18 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है। इस परीक्षा के माध्यम से ही छात्रों को मेडिकल के पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलने हैं। आवेदन संख्या के मामले में यह देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है। देश के करीब हर राज्य से ही इसमें छात्र हिस्सा ले रहे हैं। परीक्षा देश के करीब 500 और देश के बाहर 14 शहरों में आयोजित की जाने वाली है।
मेडिकल करिअर काउंसलर होरनेट एक्सपर्ट पारिजात मिश्रा ने अमर उजाला को बताया कि नीट यूजी परीक्षा में अभी करीब चार दिन का समय है अगर कुछ राज्यों में तब परीक्षा के दिन भी बाढ़ के हालात बने रहते हैं तो स्थानीय जिला प्रशासन और सरकार की रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल परीक्षा नियामक और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के परामर्श के आधार पर संबंधित क्षेत्र में परीक्षा की तिथियों में बदलाव कर सकती है अथवा वहां के छात्रों के लिए अलग से परीक्षा आयोजित की जा सकती है। हालांकि बाढ़ की आशंका और स्थिति को लेकर देशभर में परीक्षा टालने के आसार नहीं है।
इस बार नीट यूजी परीक्षा में भाग लेने वालों की संख्या में करीब दो लाख छात्रों की बढ़ोतरी हुई है। इसकी एक प्रमुख वजह रूस यूक्रेन के बीच जारी जंग भी है। मिश्रा ने कहा की हाल के समय में विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले काफी छात्र देश लौटे हैं इनमें सबसे ज्यादा मेडिकल छात्रों की संख्या थी जो यूक्रेन में फंस गए थे। इस घटनाक्रम के बाद विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में इस साल काफी कमी आने के आसार हैं। साथ ही बड़ी संख्या में छात्र ऐसे भी हैं जिन्होंने बीते साल ही विदेश में दाखिला लिया था, लेकिन वह इस बार दोबारा neet परीक्षा देकर देश में ही पढ़ाई करना चाहते हैं। इसलिए भी इस साल आवेदकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
बाढ़ की समस्या पर एनटीए के डीजी डॉ. विनीत जोशी ने अमर उजाला को बताया था कि बाढ़ के हालात में बदलाव जारी है। छात्रों को अपनी तैयारी जारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि बाढ़ को लेकर छात्र परेशान न हों। छात्र जिला प्रशासन की सूचनाओं को सुनें। जहां बाढ़ के हालात हैं, वहां के जिला प्रशासन से रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। अगर बाढ़ के चलते छात्र परीक्षा नहीं दे पाता है तो उसके लिए बाद में अलग इंतजाम भी कराया जाएगा।
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