NEET Controversy: छात्राओं के इनरवियर उतरवाने के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार
NEET Dress Controversy: केरल में छात्राओं को नीट में शामिल होने के लिए अपने इनरवियर को उतारने के लिए मजबूर करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार।
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NEET UG 2022 Dress Code Controversy: नीट यूजी 2022 के दौरान केरल में छात्राओं को अपने इनरवियर को उतारने के लिए मजबूर करने वाली पांच आरोपी महिलाएं गिरफ्तार कर ली गईं हैं। केरल पुलिस ने यह जानकारी दी है। केरल पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कर रही टीम द्वारा पूछताछ के बाद पांचों महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। इनमें से तीन महिलाएं एनटीए द्वारा किराए पर ली गई एक एजेंसी के लिए काम करती थीं, दो कोल्लम के अयूर में निजी शैक्षणिक संस्थान के लिए काम करती थीं, जहां यह घटना हुई थी।
आईपीसी की धारा 354 और 509 लगाई
पुलिस ने कहा कि आईपीसी की धारा 354 (महिला का शील भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक दबाव) और 509 (महिला के शील का अपमान करने का इरादा) को जोड़ा गया है। यह भी पढ़ें : NEET Dress Code Controversy: छात्राओं के इनरवियर उतरवाने पर राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त, एनटीए से तलब की रिपोर्ट।
सैकड़ों छात्राओं को होना पड़ा शर्मसार
स्नातक स्तरीय मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए रविवार, 17 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट यूजी के दौरान के केरल के एक परीक्षा केंद्र पर सैकड़ों छात्राओं के ब्रा और इनरवियर आदि जबरन उतरवाने का मामला सामने आया था। पुलिस ने एक 17 वर्षीय लड़की की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था, जिसने आरोप लगाया था कि नीट परीक्षा में शामिल होने से पहले कर्मियों ने ब्रा के हुक के कारण मेटल डिटेक्टर की बीप बजने पर आपत्ति जताते हुए उसे उतारने के लिए मजूबर किया था।
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सोशल मीडिया पर दिखा रोष
कई अन्य छात्राओं ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं, हालांकि उन्होंने अलग से शिकायत दर्ज नहीं कराई है। महिला आयोग ने भी अपनी ओर से प्राप्त शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया है। छात्राओं और परिजनों की शिकायत के बाद मामले ने काफी तूल पकड़ा और सोशल मीडिया के जरिए देश भर से लोगों ने भी इस शर्मनाक हरकत की निंदा करते हुए रोष जाहिर किया था।
विरोध-प्रदर्शन हिंसक हुए, संस्थान में तोड़फोड़ हुई
गिरफ्तारी 18 जुलाई को शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद हुई। केरल के दक्षिणी क्षेत्र कोल्लम में मंगलवार को इस तरह के विरोध प्रदर्शन और हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने जांच करने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शिक्षा संस्थान में तोड़फोड़ भी की है। पुलिस कार्रवाई में कुछ छात्र कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं।
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एनटीए ने बनाई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को नीट परीक्षा के दौरान छात्राओं के इनरवियर उतरवाने के मामले की मौके पर पहुंचकर उचित जांच और सभी हितधारकों से बातचीत करने के निर्देश जारी किए थे। मामले की जांच के लिए एनटीए की ओर से फैक्ट फाइंडिंग कमेटी भी बनाई गई थी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (MoE) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एनटीए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी कोल्लम का दौरा करेगी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई
वहीं, एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमें कोई शिकायत या प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। मीडिया रिपोर्टों में दावों के आधार पर, केंद्र अधीक्षक और पर्यवेक्षक से तत्काल रिपोर्ट मांगी गई थी। उन्होंने सूचित किया है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और शिकायत काल्पनिक है और गलत इरादे से दायर की गई है। एनटीए ने आगे कहा कि वह कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
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नीट यूजी देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा
नीट यूजी देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है। इसमें 18.72 लाख उम्मीदवारों पंजीकृत थे, इनमें से करीब 10 लाख छात्राएं थीं। परीक्षा से पहले जांच प्रक्रिया के दौरान नियम के खिलाफ जबरन छात्राओं को इनरवियर उतारने को कहा गया था। ऐसा नहीं करने पर उन्हें परीक्षा नहीं बैठने देने की धमकी दी गई थी। छात्राओं की शिकायत के बाद सामने आए मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से संज्ञान लिया गया था और केरल के डीजीपी को स्वतंत्र जांच एवं सख्त कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था।
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