NEET Controversy: अब नीट यूजी 2024 परीक्षा पर भी उठने लगे सवाल, केरल की छात्रा ने PM मोदी को ईमेल कर क्या कहा?
NEET UG 2024 Row: केरल की छात्रा अंजलि एस ने नीट यूजी 2024 के नतीजों में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने पीएम मोदी और राहुल गांधी को ईमेल भेजकर जांच के साथ प्रभावित छात्रों को मुआवजा और फीस में राहत देने की मांग की।
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NEET UG 2024 Row: केरल के वडक्कनचेरी की रहने वाली छात्रा अंजलि एस ने नीट यूजी 2024 परीक्षा के नतीजों को लेकर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। छात्रा ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईमेल भेजकर परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच कराने की अपील की है। अंजलि ने कहा है कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता साबित होती है, तो विवाद से आर्थिक रूप से प्रभावित हुए छात्रों को मुआवजा और फीस में राहत दी जानी चाहिए। अपनी मांग को लेकर उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी ईमेल भेजा है।
अंजलि ने क्यों उठाई नीट यूजी 2024 की जांच की मांग?
अंजलि एस का कहना है कि नीट यूजी 2024 के परिणाम और रैंक से जुड़े कुछ पैटर्न की स्वतंत्र रूप से जांच की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजे अपने ईमेल में परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी है।
छात्रा के अनुसार, अगर जांच के दौरान परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है और यह साबित होती है कि इसका असर उम्मीदवारों पर पड़ा था, तो प्रभावित छात्रों के हित में कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने ऐसे छात्रों को मुआवजा देने और उनकी फीस में छूट देने की मांग भी की है, जिन्हें इस विवाद के चलते आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
अंजलि ने अपनी मांग सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक सीमित नहीं रखी है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी ईमेल के जरिए अपनी शिकायत और मांगों की जानकारी दी है।
पांच साल लगातार NEET देने का दावा, फिर क्या हुआ?
अंजलि ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 से 2024 तक लगातार पांच वर्षों तक नीट परीक्षा में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 और 2023 में उन्हें सेल्फ-फाइनेंसिंग मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिला था।
हालांकि, अंजलि ने उन मौकों पर प्रवेश नहीं लिया। उनका कहना है कि उस समय उन्हें उम्मीद थी कि आगे चलकर उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट मिल सकती है। इसी उम्मीद के साथ उन्होंने नीट की तैयारी जारी रखी और परीक्षा में दोबारा शामिल होती रहीं। यह सिलसिला 2024 तक चला। अंजलि ने नीट यूजी 2024 में अपने स्कोर को लेकर भी जानकारी साझा की है।
#WATCH | Thrissur, Keralam: A NEET-UG aspirant from Wadakkanchery in Kerala, Anjali S, has emailed Prime Minister Narendra Modi and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, alleging irregularities in the NEET-UG 2024 examination.
— ANI (@ANI) August 9, 2026
Aspirant Anjali S says, "...I got 640 marks in the 2024 NEET.… pic.twitter.com/NLXEbycY86
640 से 635 अंक होने का अंजलि का दावा, कटऑफ बढ़ने से नहीं मिली सीट
अंजलि के मुताबिक, नीट यूजी 2024 में उन्हें पहले 640 अंक मिले थे। बाद में सुधार के बाद उनका स्कोर 635 अंक कर दिया गया। उनका कहना है कि वर्ष 2024 में कटऑफ काफी अधिक रहने के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज में सीट नहीं मिल सकी।
अंजलि ने अपने दावे के समर्थन में पिछले वर्ष और 2024 के अंकों तथा रैंक से जुड़े आंकड़ों की तुलना भी प्रस्तुत की है। उनका कहना है कि दोनों वर्षों के रैंकिंग पैटर्न में काफी अंतर दिखाई देता है। इसी आधार पर वह चाहती हैं कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि परिणाम और रैंक में इस तरह का अंतर क्यों देखने को मिला।
रैंक पैटर्न की तुलना भी सामने रखी
अंजलि ने अपनी शिकायत के साथ पिछले साल और वर्ष 2024 के नीट परिणामों से जुड़े अंकों और रैंक के पैटर्न का विवरण भी दिया है। उनका तर्क है कि दोनों वर्षों के आंकड़ों में बड़ा अंतर नजर आता है और इस अंतर को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उनकी मांग है कि संबंधित आंकड़ों और परीक्षा प्रक्रिया की स्वतंत्र तरीके से जांच हो। अंजलि का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नीट यूजी 2024 के परिणामों से जुड़े उनके सवालों का वास्तविक कारण क्या था। हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अंजलि द्वारा लगाए गए आरोप और उनके द्वारा उठाए गए सवाल उनके दावे हैं।
माता-पिता पर बढ़ा पढ़ाई का आर्थिक बोझ
अंजलि ने अपनी मौजूदा पढ़ाई और परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में भी जानकारी दी है। वह फिलहाल एक सेल्फ-फाइनेंसिंग मेडिकल कॉलेज में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं।
उनके अनुसार, इस पढ़ाई पर हर वर्ष करीब 10 लाख रुपये का खर्च आता है। इस खर्च को पूरा करने के लिए उनके माता-पिता को लोन लेना पड़ रहा है। अंजलि का कहना है कि परिवार को पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए दूसरे लोगों से भी पैसे उधार लेने पड़ रहे हैं।
आर्थिक परेशानी के बीच उठाई छात्रों के लिए राहत की मांग
अंजलि के मुताबिक, अपने माता-पिता को उनकी मेडिकल शिक्षा का खर्च जुटाने के लिए आर्थिक परेशानियों से गुजरते हुए देखकर उन्होंने यह मुद्दा उठाने का फैसला किया। उनका कहना है कि यदि नीट यूजी 2024 से जुड़ी कथित गड़बड़ियां जांच में साबित होती हैं और इससे छात्रों को आर्थिक नुकसान हुआ है, तो प्रभावित उम्मीदवारों के लिए राहत का प्रावधान होना चाहिए।
इसी वजह से उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वतंत्र जांच कराने के साथ-साथ प्रभावित छात्रों को मुआवजा और फीस में छूट देने की मांग की है। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर राहुल गांधी को भी ईमेल भेजा है।