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नीट यूजी: 2 लाख से ज्यादा कर्मी, GPS-CCTV की व्यवस्था; जानें परीक्षा से पहले NTA ने किए थे क्या सुरक्षा इंतजाम

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Akash Kumar Updated Wed, 13 May 2026 08:01 PM IST
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सार

NEET UG 2026: परीक्षा से पहले एनटीए ने जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और 2 लाख कर्मियों की तैनाती समेत कई सुरक्षा इंतजामों का दावा किया था। हालांकि, परीक्षा रद्द होने के बाद संगठन की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। फिलहाल इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।

NEET UG 2026: What Security Measures NTA Claimed Before Exam Cancellation and Leak Allegations
NEET UG 2026 Paper Leak - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

NEET UG 2026: नीट यूजी परीक्षा को लेकर देशभर में पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द होने के बाद अब राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की तैयारियों और सुरक्षा दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले यानी 2 मई 2026 को एनटीए ने एक विस्तृत प्रेस नोट जारी कर दावा किया था कि नीट यूजी 2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, बावजूद इसके परीक्षा की शुचिता नहीं बच पाई।

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एनटीए ने कहा था कि 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की जाएगी। देशभर में 5432 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और करीब 22.79 लाख पंजीकृत अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था। एजेंसी ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक बताया था।
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2 लाख से ज्यादा कर्मियों की तैनाती का दावा

एनटीए के अनुसार परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए बड़े स्तर पर प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र लगाया गया था। एजेंसी ने बताया था कि 674 सिटी कोऑर्डिनेटर शहर स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे थे। इसके अलावा 6000 से अधिक ऑब्जर्वर परीक्षा केंद्रों पर स्वतंत्र निगरानी के लिए तैनात किए गए थे।

हर केंद्र पर सेंटर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर नियुक्त किए गए थे। साथ ही जिला प्रशासन, पुलिस बल और एस्कॉर्ट टीमों को गोपनीय परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आवाजाही के लिए लगाया गया था। एनटीए के अनुसार परीक्षा संचालन के लिए देशभर में 2 लाख से ज्यादा कर्मियों को तैनात किया गया था।

GPS वाहन, CCTV और बायोमेट्रिक जैसी सुरक्षा व्यवस्था

एनटीए ने प्रेस रिलीज में दावा किया था कि परीक्षा को सुरक्षित रखने के लिए मल्टी-लेयर सिक्योरिटी फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। एजेंसी के अनुसार प्रश्न पत्र और अन्य गोपनीय सामग्री को सीलबंद प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षित तरीके से पहुंचाया गया।

परीक्षा सामग्री ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग की व्यवस्था थी और उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट भी दिया गया था। सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी की जा रही थी, जिसकी फीड केंद्रीय कंट्रोल रूम से मॉनिटर की जा रही थी।

इसके अलावा परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले हाई-सेंसिटिविटी मेटल डिटेक्टर से फ्रिस्किंग अनिवार्य की गई थी। उम्मीदवारों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था भी लागू की गई थी।

सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और टेलीग्राम चैनलों पर कार्रवाई

एनटीए ने यह भी बताया था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि फर्जी खबरों और संभावित गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके। 

एजेंसी के मुताबिक 65 से ज्यादा टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक किया गया था, जिन पर फर्जी प्रश्नपत्र और अफवाहें फैलाने के आरोप थे। एजेंसी ने साइबर क्राइम अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही थी।

मुख्य बातें एक नजर में

  • नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी।
  • परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में हुई।
  • करीब 22.79 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए।
  • देशभर में 5432 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए।
  • 674 सिटी कोऑर्डिनेटर तैनात किए गए थे।
  • 6000 से ज्यादा ऑब्जर्वर निगरानी के लिए लगाए गए।
  • 2 लाख से अधिक कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
  • परीक्षा सामग्री GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों से भेजी गई।
  • प्रश्नपत्रों की ढुलाई में पुलिस एस्कॉर्ट लगाया गया।
  • सभी परीक्षा केंद्र CCTV निगरानी में थे।
  • केंद्रीय कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग की गई।
  • एंट्री से पहले हाई-सेंसिटिविटी मेटल डिटेक्टर से जांच हुई।
  • आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराया गया।
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी की गई।
  • 65 से ज्यादा टेलीग्राम चैनल ब्लॉक किए गए।
  • साइबर क्राइम एजेंसियों को शिकायत भेजी गई थी।
  • बिजली बैकअप और जनरेटर की व्यवस्था की गई।
  • केंद्रों पर पानी, मेडिकल और सैनिटेशन सुविधा दी गई।
  • उम्मीदवारों को ट्रांसपेरेंट पानी की बोतल ले जाने की अनुमति थी।
  • डायबिटिक छात्रों को फल और शुगर टैबलेट ले जाने की छूट दी गई।
  • दिव्यांग अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय दिया गया।
  • बायोमेट्रिक फेल होने पर मैनुअल वेरिफिकेशन का प्रावधान था।
  • उम्मीदवारों को अफवाहों से बचने की सलाह दी गई थी।

गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर विशेष इंतजाम

एनटीए ने यह भी कहा था कि गर्मी के मौसम और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को देखते हुए सभी केंद्रों पर बिजली बैकअप, पंखे, रोशनी, पीने का पानी, मेडिकल सहायता और स्वच्छता की व्यवस्था की गई थी।

उम्मीदवारों को पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति दी गई थी। वहीं डायबिटिक अभ्यर्थियों को शुगर टैबलेट, केला, सेब और संतरा जैसे फल ले जाने की अनुमति देने की बात भी नोटिस में कही गई थी।

अफवाहों से बचने की दी गई थी सलाह

एनटीए ने परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों से अपील की थी कि वे किसी भी अफवाह या पेपर लीक से जुड़े दावों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जारी सूचनाओं को ही मानें। एजेंसी ने उम्मीदवारों को शांत रहने और अपनी तैयारी पर भरोसा रखने की सलाह भी दी थी।

हालांकि, परीक्षा के बाद पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। इसके बाद एनटीए ने 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। अब इस पूरे मामले में जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क, सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया की भी जांच कर रही हैं।

एनटीए का आधिकारिक नोटिस यहां देख सकते हैं...

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