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Education: सीयूईटी यूजी अगले साल से ऑनलाइन कराने की तैयारी, पेपर लीक होने का खतरा कम रहेगा
Wed, 03 Jul 2024 05:45 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Wed, 03 Jul 2024 05:45 AM IST
सार
सीयूईटी यूजी अगले साल से ऑनलाइन परीक्षा करवाने की तैयारी हो रही है। इससे एनटीए की सभी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होने से लीक और गड़बड़ी का खतरा कम रहेगा।
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- फोटो : Istock
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विस्तार
विश्वविद्यालयों में स्नातक दाखिले की सीयूईटी यूजी अगले साल से पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से करवाई जा सकती है। पेन-पेपर आधारित नीट यूजी पेपर लीक के बाद से सीयूईटी यूजी को दोबारा कंप्यूटर आधारित माध्यम से करवाने पर विशेषज्ञों की आम राय बन रही है।
छात्रों की मांग पर अप्रैल में सीयूईटी यूजी के 15 मुख्य विषयों को कंप्यूटर आधारित से हाइब्रिड मोड से करने पर फैसला हुआ था। लेकिन फैसले के तीन महीने बाद ही दोबारा हाइब्रिड से ऑनलाइन करने पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार का मानना है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं सुरक्षित होती हैं, क्योंकि प्रश्नपत्र, उत्तरपुस्तिका समेत अन्य औपचारिकताएं नहीं रहती हैं। इससे नकल की आशंका भी काफी कम रहती है। इसके अलावा पेपर लीक का खतरा भी नहीं होता है।
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि सिर्फ पेन-पेपर आधारित परीक्षाओं पर पेपर-लीक का खतरा हमेशा रहता है। सबसे अधिक दिक्कत बड़े स्तर की परीक्षाओं में है, जहां 24 लाख तक छात्र शामिल हो रहे हैं। जेईई मेन में 11 लाख से अधिक छात्र शामिल होते हैं, लेकिन ऑनलाइन होने के कारण यह सुरक्षित है। वहीं, नीट यूजी पेन-पेपर आधारित है, इसमें पेपर लीक हो गया।
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छात्रों की मांग पर अप्रैल में सीयूईटी यूजी के 15 मुख्य विषयों को कंप्यूटर आधारित से हाइब्रिड मोड से करने पर फैसला हुआ था। लेकिन फैसले के तीन महीने बाद ही दोबारा हाइब्रिड से ऑनलाइन करने पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार का मानना है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं सुरक्षित होती हैं, क्योंकि प्रश्नपत्र, उत्तरपुस्तिका समेत अन्य औपचारिकताएं नहीं रहती हैं। इससे नकल की आशंका भी काफी कम रहती है। इसके अलावा पेपर लीक का खतरा भी नहीं होता है।
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विशेषज्ञ मान रहे हैं कि सिर्फ पेन-पेपर आधारित परीक्षाओं पर पेपर-लीक का खतरा हमेशा रहता है। सबसे अधिक दिक्कत बड़े स्तर की परीक्षाओं में है, जहां 24 लाख तक छात्र शामिल हो रहे हैं। जेईई मेन में 11 लाख से अधिक छात्र शामिल होते हैं, लेकिन ऑनलाइन होने के कारण यह सुरक्षित है। वहीं, नीट यूजी पेन-पेपर आधारित है, इसमें पेपर लीक हो गया।
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