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NEET: 'पुर्नपरीक्षा CBT मोड में हो', RJD सांसद की सुप्रीम कोर्ट से मांग; केजरीवाल की अभ्यर्थियों से खास अपील

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Akash Kumar Updated Mon, 18 May 2026 11:24 AM IST
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सार

NEET UG Re-Exam: आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह समेत अन्य लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर नीट यूजी परीक्षा को सीबीटी मोड में कराने की मांग की है। साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा प्राधिकरण बनाने की भी अपील की गई है। री-एग्जाम 21 जून को प्रस्तावित है। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने नीट के अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अपने विचार और सुझाव उनके साथ साझा करें।
 

RJD MP Moves Supreme Court Seeking NEET UG Exam in CBT Mode and National Exam Authority Setup
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार

NEET UG 2026: नीट यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक विवाद के बाद मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह समेत कई लोगों ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में मांग की गई है कि नीट यूजी परीक्षा को पारंपरिक पेन-एंड-पेपर मोड के बजाय पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराया जाए।

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यह याचिका सुधाकर सिंह के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और हरिशरण देवगन की ओर से संयुक्त रूप से दाखिल की गई है। याचिका अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत और एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड नीमा के माध्यम से दायर की गई है।
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याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि 21 जून 2026 को प्रस्तावित नीट यूजी री-एग्जाम को मौजूदा ऑफलाइन पेन-पेपर मोड में कराने के बजाय सुरक्षित सीबीटी मोड में आयोजित करने का निर्देश दिया जाए। उनका कहना है कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली से पेपर लीक और धांधली जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
 

नई परीक्षा संस्था बनाने की मांग

याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने की भी मांग की गई है कि मौजूदा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की जगह एक नई स्वतंत्र और पारदर्शी “नेशनल एग्जामिनेशन अथॉरिटी” बनाई जाए। प्रस्तावित संस्था में न्यायिक निगरानी, कानूनी जवाबदेही और एडवांस टेक्नोलॉजी आधारित सुरक्षा व्यवस्था शामिल करने की बात कही गई है।

सुप्रीम कोर्ट से हाई लेवल कमेटी बनाने की अपील

याचिकाकर्ताओं ने अदालत से एक हाई लेवल मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने की भी मांग की है। इसमें रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज, शिक्षाविद, मनोवैज्ञानिक, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, फॉरेंसिक वैज्ञानिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। यह समिति राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए संरचनात्मक सुधार सुझाएगी।

सख्त साइबर सुरक्षा और एआई निगरानी की मांग

याचिका में राष्ट्रीय परीक्षाओं में एन्क्रिप्टेड डिजिटल पेपर ट्रांसमिशन सिस्टम, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, एआई आधारित निगरानी और कड़े साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग की गई है। साथ ही प्रश्नपत्रों की “डिजिटल लॉकिंग” व्यवस्था लागू करने और सीबीटी मॉडल अपनाने पर जोर दिया गया है ताकि पेपर लीक की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सीबीटी जांच रिपोर्ट मांगने की अपील

याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी आग्रह किया है कि सीबीआई को चार सप्ताह के भीतर नीट यूजी 2026 पेपर लीक जांच की स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया जाए। रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आए नेटवर्क, गिरफ्तारियां, आरोपियों और अभियोजन की प्रगति का पूरा विवरण देने की मांग की गई है।

इसके अलावा एनटीए को नीट यूजी 2026 के सेंटर-वाइज रिजल्ट प्रकाशित करने का निर्देश देने की मांग भी की गई है, ताकि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या असामान्यता की पारदर्शी तरीके से जांच हो सके।

मेरे साथ साझा करें अपने विचार और सुझाव: अरविंद केजरीवाल 

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट के छात्रों से अपील की है कि वे चिंता न करें और स्ट्रेस ना लें। उन्होंने छात्रों से अपने विचार और सुझाव उनके साथ साझा करने की अपील की है। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो जारी कर बच्चों से कहा है कि वह अपने विचार कमेंट, डीएम के जरिए उन तक पहुंचा सकते हैं।

वीडियो संदेश में केजरीवाल ने छात्रों से कहा, "अभी चारों तरफ से रिपोर्ट्स आ रही हैं, बहुत सारे बच्चे नीट एग्जाम कैंसिल होने की वजह से डिप्रेशन में हैं, स्ट्रेस में हैं, अभी चार बच्चों के सुसाइड करने की खबरें भी आई हैं। मेरी सभी बच्चों से रिक्वेस्ट है कि इतना स्ट्रेस मत लीजिए।"

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