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यूजीसी 2022 : स्नातक के साथ-साथ बेहतर इंसान बनने का कौशल भी सीखेंगे छात्र, 120 घंटों की पढ़ाई के होंगे 8 क्रेडिट
Sun, 27 Feb 2022 06:08 AM IST
योगेश साहू
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sun, 27 Feb 2022 06:08 AM IST
सार
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें लिखा है कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों को कम्यूनिकेशन स्किल, प्रोफेशनल स्किल, लीडरशिप एंड मैनेजमेंट स्किल और यूनिवर्सल ह्यूमन वेल्यू विषयों को पढ़ाया और प्रशिक्षित किया जाएगा।
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विस्तार
इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, फार्मेसी, आर्किटेक्चर से लेकर अन्य विश्वविद्यालयों के स्नातक के छात्र पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर इंसान बनने का कौशल भी पढ़ेंगे। उच्च शिक्षण संस्थानों में नई शिक्षा नीति के तहत आगामी सत्र 2022 में स्नातक प्रोग्राम में जीवन कौशल (लाइफ स्किल ) 2.0 पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से जुड़ने जा रहा है। इसमें छात्रों को कम्यूनिकेशन स्किल, प्रोफेशनल, लीडरशिप व मैनेजमेंट, यूनिवर्सिल ह्यूमन वेल्यू विषयों को शामिल किया जा रहा है।
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इसका मकसद, छात्रों की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन युवाओं को नौकरी से लेकर समाज के प्रति जिम्मेदार, धर्म, अहिंसा, बेहतर इंसान बनाने, संवेदनशील व पेशेवर और व्यावहारिक बनाना है। कुल 120 घंटों की इस पढ़ाई में आठ क्रेडिट होंगे। इसमें किताबी पढ़ाई के साथ-साथ विषय पेशेवरों द्वारा कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें लिखा है कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों को कम्यूनिकेशन स्किल, प्रोफेशनल स्किल, लीडरशिप एंड मैनेजमेंट स्किल और यूनिवर्सल ह्यूमन वेल्यू विषयों को पढ़ाया और प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए नई शिक्षा नीति के आधार पर जीवन कौशल पर आधारित ड्रॉफ्ट करिकुलम तैयार किया गया है।
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इसकी जरूरत क्यों पड़ी
दरअसल, 2017 में मल्टीनेशनल कंपनियों ने सरकार को अपनी रिपोर्ट में छात्रों की कमियों पर ध्यान दिलाया था। इसमें लिखा था कि भारतीय छात्रों में अब पहले की तरह मानवीय मूल्य, सामाजिक सरोकार, संचार कौशल में कमी, सार्वभौमिक लचीलापन नहीं है। आईआईटी से लेकर अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों के पास डिग्री संग ज्ञान तो हैं, लेकिन वे बेहद प्रोफेशनल हो गए हैं।
भारतीय छात्रों की जिन खूबियों के चलते अंतरराष्ट्रीय मार्केट में उनकी डिमांड थी, उसमें अंतर आ रहा है। नौकरी के लिए पढ़ाई, ज्ञान के साथ इनका होना भी जरूरी है। इसलिए सरकार से आग्रह है कि वे विषयों के साथ इन पर फोकस करें। इसी कारण नई शिक्षा नीति में इस मसौदे को शामिल किया गया है।
4 विषयों में पढ़ाई होगी
कम्यूनिकेशन स्किल में सुनने की क्षमता, बोलने, लिखने, डिजिटल शिक्षा व सोशल मीडिया, साइबर सिक्योरिटी आदि के बारे में समझाया जाएगा। जबकि प्रोफेशनल स्किल ( करियर और टीम ) में रिज्यूम, इंटरव्यू, समूह परिचर्चा, विभिन्न उभरते क्षेत्रों में भविष्य बनाना, विश्वास, टीम के साथ काम करने के दौरान सभी पक्षों को सुनना, समझना आदि पर पढ़ाई व प्रशिक्षण मिलेगा। जबकि लीडरशिप व मैनेजमेंट स्किल में टीम को साथ लेकर चलने की भावना प्रेरित की जाएगी। इसके अलावा यूनिवर्सल ह्यूमन वेल्यू विषय पर अंहिसा, शांति, सेवा, प्रेमभाव, दयाभाव, सच, मानवीय मूल्य, सरोकार आदि के बारे में जागरूक किया जाएगा।
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