UK Board Result 2026: उत्तराखंड बोर्ड 10वीं-12वीं में पास होने के लिए लाने होंगे अंक? कम नंबर आए तो क्या होगा
UK Board Result Passing Marks 2026: उत्तराखंड बोर्ड 10वीं और 12वीं के नतीजे कल जारी किए जाएंगे। अगर परीक्षा में कम अंक आते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। छात्रों के पास स्क्रूटनी और सुधार परीक्षा जैसे विकल्प होते हैं, जिनकी मदद से वे अपने अंकों को बेहतर कर सकते हैं।
उत्तराखंड बोर्ड 10वीं के विद्यार्थी यहां पंजीकरण करें...
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UK Board Result 2026: उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा का रिजल्ट 25 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे जारी किया जाएगा। रिजल्ट जारी होते ही छात्र अमर उजाला की वेबसाइट पर सबसे पहले अपना परिणाम देख सकेंगे। इसके लिए छात्रों को पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा। उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट अगर आपकी उम्मीद के मुताबिक नहीं आता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। परीक्षा के बाद भी छात्रों के पास कई विकल्प होते हैं, जिनकी मदद से वे अपनी शैक्षणिक स्थिति सुधार सकते हैं।
वर्ष 2026 में उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षाओं के परिणाम का इंतजार 2.16 लाख से अधिक विद्यार्थियों को है। कक्षा 10 की परीक्षाएं 23 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक आयोजित की गईं, जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक चलीं।
कितने अंक वाले होंगे पास?
उत्तराखंड बोर्ड 10वीं-12वीं की परीक्षा पास करने के लिए छात्रों को हर विषय में कम से कम 33% अंक लाने जरूरी होते हैं। यानी अगर किसी छात्र के कुल अंक 33% से कम हैं, तो उसे फेल माना जाएगा। इसके साथ ही बोर्ड छात्रों की कक्षा में उपस्थिति (attendance) को भी ध्यान में रखता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र नियमित रूप से पढ़ाई में शामिल रहा है।
स्क्रूटनी और सुधार परीक्षा के लिए किन्हें मिलेगा मौका?
उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के छात्रों के लिए स्क्रूटनी और सुधार परीक्षा की सुविधा दी जाती है। अगर किसी छात्र को अपने परिणाम पर शक होता है, तो वह स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकता है। इसमें उसकी उत्तर पुस्तिका को दोबारा जांचा जाता है ताकि यह पता चल सके कि कहीं कोई अंक जोड़ने या जांच में गलती तो नहीं हुई है। इसमें कॉपी दोबारा नहीं पढ़ी जाती, सिर्फ अंकों की जांच की जाती है।
इसके अलावा, जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होते, वे सुधार परीक्षा (Improvement Exam) दे सकते हैं। इसमें वे 10वीं या 12वीं के किसी एक या अधिक विषय की परीक्षा दोबारा देकर अपने अंक सुधार सकते हैं। जो भी अच्छे अंक मिलते हैं, वही अंतिम माने जाते हैं। इससे छात्रों को अपने परिणाम बेहतर करने का एक और मौका मिलता है।
कैसा रहा पिछले साल का रिजल्ट?
पिछले साल उत्तराखंड बोर्ड के हाईस्कूल का कुल परीक्षाफल 90.77% रहा था। इसमें लड़कियों का प्रदर्शन बेहतर रहा और उनका पास प्रतिशत 93.25% जबकि लड़कों का 88.20% रहा था। इससे साफ पता चलता है कि हाईस्कूल में लड़कियों ने बाजी मारी थी। इसी तरह इंटरमीडिएट का कुल परिणाम 83.23% रहा था। इसमें भी छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया और उनका पास प्रतिशत 86.20% रहा, जबकि छात्रों का 80.10% रहा था।

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