Exclusive: क्या कास्टिंग डायरेक्टर खुद को कास्ट कर लेते हैं? अमर उजाला संवाद में शिकायत पर बोले अभिषेक बनर्जी
Abhishek Banerjee On Casting: अभिषेक बनर्जी अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीतने में माहिर हैं। इसके अलावा वे कास्टिंग निर्देशक भी हैं। हाल ही में अमर उजाला संवाद में उन्होंने कास्टिंग को लेकर पूछे गए सवालों का दिलचस्प जवाब दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अभिषेक बनर्जी इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर बन चुके हैं। उन्होंने करियर बतौर कास्टिंग डायरेक्टर शुरू किया। हाल ही में उन्होंने देहरादून में आयोजित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में शिरकत की थी। यहां उन्होंने अपने करियर और सिनेमा पर कई बातें कीं। उनसे जब पूछा गया कि अक्सर कास्टिंग डायरेक्टर्स से यह शिकायत रहती है कि वे खुद को कास्ट कर लेते हैं। इस पर अभिषेक ने क्या कहा? जानिए
'कोई डायरेक्टर पहचान के चक्कर में रोल नहीं देता'
अभिषेक बनर्जी से संवाद में पूछा गया कि अक्सर शिकायतें ये भी होती हैं कि कास्टिंग डायरेक्टर या तो खुद को कास्ट कर लेते हैं या पहचान के लोगों को मौका देते हैं? इस पर उन्होंने कहा, 'इंडस्ट्री में शायद मैं ही इकलौता हूं, जो कास्टिंग के बाद एक्टिंग कर पाया है। मैं यह मानना चाहूंगा कि उसका कारण प्रतिभा है। सिर्फ मेरी पहुंच नहीं हैं। कोई भी डायरेक्टर सिर्फ पहचान के चक्कर में रोल नहीं देता। उनके पैसे लगे होते हैं। अगर ऐसे रोल मिल भी गया तो खराब एक्टिंग होती है और उसके बाद दूसरा रोल नहीं मिलेगा। आउटसाइडर को समझना पड़ेगा कि आपको हर रोल में खुद को साबित करना पड़ेगा। यह शिकायतें तो हमेशा रहेंगी। हिंदुस्तान ऐसा देश है जहां 90 प्रतिशत आबादी को लगता है कि वह क्रिकेट खेल सकते हैं और 90 फीसदी को लगता है कि वह एक्टिंग कर सकती है'।
'कास्टिंग डायरेक्टर ब्रिज का काम करते हैं'
अभिषेक से जब पूछा गया कि कास्टिंग डायरेक्टर का काम क्या होता है? उन्होंने कहा, 'एक तरह की एचआर कंपनी है। हम लोग एक ब्रिज हैं, बाहरी दुनिया और इंडस्ट्री की दुनिया के बीच में। मुझे कई लोग यह पूछते हैं इस बारे में। बहुत से लोग छोटे शहरों से आते हैं, उनके लिए डायरेक्टर के ऑफिस तक जाना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में हम अपने ऑडिशन करते हैं। एक्टर्स को चुनकर डायरेक्टर्स को दिखाते हैं। अगर उनका परफॉर्मेंस अच्छा है तो आजकल आप ओटीटी पर देख रहे होंगे कि कई नए कलाकार आ रहे हैं। क्योंकि कास्टिंग डायरेक्टर उन तक पहुंचने की कोशिश करते रहते हैं'।
'फिल्मी परिवार वालों को अवसर बहुत मिलते हैं'
नेपोटिज्म पर काफी बहस होती है। आप क्या सोचते हैं? इस सवाल पर अभिषेक बोले, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बिजनेसमैन के बच्चे बिजनेस करेंगे। नेपोटिज्म में भी सेम है। फिल्मी परिवार वालों को अवसर बहुत मिलते हैं। मगर, ये भी है कि आप जब इंडस्ट्री में बाहर से आए हैं तो आपको उतना समय तो लगेगा ही। मेरे परिवार में किसी ने एक्टिंग के बारे में सोचा नहीं। मगर, आगे जो मेरी पीढ़ी होगी उनके लिए एक आसान रास्ता जरूर होगा। लेकिन, वो एक मुकाम हासिल कर पाएंगे या नहीं...ये उनके टैलेंट पर निर्भर होगा'।
फिल्म 'स्त्री' को बताया करियर की पूंजी
अभिषेक बनर्जी ने 'स्त्री' फिल्म पर बात की। उन्होंने बताया कि 'स्त्री 3' आने वाली है। जब पूछा गया कि क्या 'स्त्री' आपके करियर में गेम चेंजर रही है? इस पर एक्टर बोले- 'बिल्कुल! उसकी वजह से मुझे पहचान मिली। छोटे-छोटे बच्चे जब आज मुझे मेरे नाम से बुलात हैं तो वह मेरे लिए बहुत कमाई हुई पूंजी है। उम्मीद है कि स्त्री 10 तक उसका हिस्सा रहूं, जब तक संभव हो'।