Nargis Dutt Birthday: मां नरगिस को याद कर एक बार फिर इमोशनल हुए संजय दत्त, बोले - हर दिन याद आती है मां
Sanjay Dutt: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री नरगिस दत्त का जन्म 1 जून 1929 को हुआ था। आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी है। इस मौके पर उनके बेटे और अभिनेता संजय दत्त ने उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दी है।
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बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री नरगिस दत्त की आज जन्मदिवस है। 1 जून 1929 को जन्मीं इस महान कलाकार को उनकी अदायगी, सामाजिक सेवा और मां की भूमिका में बेजोड़ परफॉर्मेंस के लिए आज भी याद किया जाता है। इस मौके पर उनके बेटे और अभिनेता संजय दत्त ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपनी मां को याद किया।
संजय दत्त ने मां नरगिस को किया याद
संजय दत्त ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर दो ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें साझा कीं। एक तस्वीर में वो अपने माता-पिता नरगिस और सुनील दत्त के साथ नजर आ रहे हैं और दूसरी तस्वीर नरगिस दत्त की एक फिल्म से ली गई है। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा, ‘हैप्पी बर्थडे मां’। संजय ने आगे लिखा, ‘हर दिन तुम्हारी बहुत याद आती है और तुमसे बहुत प्यार करता हूं।’ उनकी इस पोस्ट ने फैंस को भी भावुक कर दिया और कमेंट सेक्शन में लोगों ने नरगिस जी को श्रद्धांजलि दी।
मदर इंडिया से बनीं ‘भारतीय मां’ की प्रतीक
नरगिस दत्त का फिल्मी सफर महज पांच साल की उम्र में ‘तलाश-ए-हक’ फिल्म से शुरू हुआ था, लेकिन 1942 की फिल्म ‘तमन्ना’ से उन्हें पहचान मिली। हालांकि 1957 में आई फिल्म 'मदर इंडिया' ने उन्हें अमर बना दिया। इस फिल्म में राधा की भूमिका में उन्होंने भारतीय मां की छवि को इतनी संजीदगी से पेश किया कि वो भारत की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन गईं। इसी फिल्म के सेट पर सुनील दत्त ने उन्हें आग से बचाया था और यही किस्सा आगे चलकर उनके विवाह का आधार बना।
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अभिनय से सामाजिक सेवा तक का सफर
फिल्मों से दूरी बनाने के बाद नरगिस दत्त ने खुद को समाजसेवा के कार्यों में समर्पित कर दिया। उन्होंने सुनील दत्त के साथ मिलकर अजंता आर्ट्स कल्चरल ट्रूप की शुरुआत की, जो भारतीय जवानों के मनोरंजन के लिए देशभर में कार्यक्रम आयोजित करता था।
1970 के दशक में उन्होंने 'स्पास्टिक सोसाइटी ऑफ इंडिया' के साथ मिलकर विकलांग बच्चों के अधिकारों के लिए काम किया। वो इस संस्था की पहली संरक्षक बनीं और विकलांगता के मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाने में अहम भूमिका निभाई।
राज्यसभा की सदस्य और पद्मश्री सम्मान
1980 में नरगिस दत्त को राज्यसभा के लिए नामित किया गया, जिससे वो पृथ्वीराज कपूर के बाद दूसरी फिल्मी हस्ती बनीं जो संसद पहुंचीं। 1958 में उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।
संजय दत्त की पोस्ट ने दिल छू लिया
संजय दत्त की पोस्ट ने यह साबित कर दिया कि मां की कमी कोई समय भर नहीं सकता। फिल्म इंडस्ट्री में उनके योगदान को न सिर्फ उनके अभिनय बल्कि उनकी सामाजिक सेवाओं के लिए भी हमेशा याद किया जाता रहेगा। नरगिस दत्त सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक आदर्श मां, समाजसेविका और प्रेरणादायक व्यक्तित्व थीं।

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