'स्मृति मंधाना के नाम पर पैसे लेता था पलाश मुछाल..', एक्टर-प्रोड्यूसर विज्ञान माने ने लगाए गंभीर आरोप
Palash Muchhal Fraud Case: फिल्म निर्माता और अभिनेता विज्ञान माने ने म्यूजिक कंपोजर और डायरेक्टर पलाश मुछाल और उनकी मां के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। अमर उजाला से खास बातचीत ने विज्ञान ने कई बड़े दावे किए। पढ़िए उन्हीं की जुबानी...
विस्तार
बॉलीवुड म्यूजिक कंपोजर पलाश मुछाल के खिलाफ हाल ही में महाराष्ट्र के सांगली जिले में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई। यह शिकायत फिल्म निर्माता और अभिनेता विज्ञान माने ने दर्ज कराई। आरोप है कि पलाश ने विज्ञान से फिल्म बनाने और फिर उसे बेचकर मुनाफा कमाकर देने के लिए जो पैसे लिए थे वो अब तक वापस नहीं लौटाए।
अमर उजाला से खास बातचीत में विज्ञान ने पलाश मुछाल और उनके परिवार पर ब्लैकमेलिंग, गलत कमिटमेंट और चैरिटी के नाम पर टैक्स बचाने जैसे आरोप भी लगाए। चलिए बारीकी से समझते हैं क्या है पूरा मामला...
कौन हैं विज्ञान माने?
विज्ञान, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार क्रिकेटर स्मृति मंधाना के बचपन के दोस्त हैं। पेशे से फिल्म फाइनेंसर विज्ञान की मुलाकात पलाश से स्मृति मंधाना के पिता श्रीनिवास मंधाना ने कराई थी। यह उस वक्त की बात है, जब पलाश सांगली आए थे।
कब क्या हुआ?
- विज्ञान के मुताबिक पलाश से उनकी मुलाकात 5 दिसंबर 2024 में हुई थी। इसी दौरान दोनों की फिल्म को लेकर चर्चा हुई।
- विज्ञान ने पलाश को फिल्म बनाने के लिए पैसे दिए। बदले में पलाश ने कमिटमेंट दिया कि अगले छह महीने में वो फिल्म बनाकर और बेचकर उनका पैसा मुनाफे के साथ लौटा देंगे।
- फिल्म को पैकअप हुए आठ महीने बीत जाने के बाद विज्ञान पैसे मांगने पलाश के घर पहुंचे। पहले जिस फिल्म का बजट 55 लाख रुपये बताया गया था, अब पलाश की मां ने उसका बजट डेढ़ करोड़ रुपये बताया।
- इसके बाद छह महीने से लेकर एक साल तक विज्ञान पलाश के पीछे भागते रहे पर पलाश ने ना पैसा लौटाया और न ही मुनाफा।
- कुछ वक्त बाद पलाश ने विज्ञान से फिर एक वादा किया कि स्मृति से शादी होने के बाद वो पैसे लौटा देंगे।
- विज्ञान के मुताबिक स्मृति की शादी कैंसिल होने के बाद पलाश ने उन्हें इग्नोर करना शुरू कर दिया। पैसे लौटाने की बात पर उन्होंने विज्ञान को ही फंसाने की बात कही।
- कुछ वक्त बाद पलाश ने विज्ञान का फोन उठाना और मैसेज का जवाब देना भी बंद कर दिया। वहीं पलाश की मां ने विज्ञान को ब्लॉक भी कर दिया।
पलाश-स्मृति 23 नवंबर, 2025 को सांगली में शादी करने वाले थे जो कैंसिल हो गई।
पुराना पैसा लौटाए बिना दस लाख और मांगे
विज्ञान कहते हैं, 'मैंने सिर्फ वही मांगा जो कमिटमेंट हुआ था। मैं इस फिल्म का इंवेस्टर था। पलाश ने वादा किया था कि चाहे फिल्म बिके या न बिके वो छह महीने में मेरा पैसा वापस देगा। मैंने बहुत इंतजार किया पर अब जब मेरे पास कोई विकल्प नहीं बचा तब मैं न्याय व्यवस्था के पास गया और उनके खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अब आगे की प्रक्रिया करेगी। मेरे पास सारे ट्रांजैक्शन के सबूत मौजूद हैं। चैट स्क्रीनशॉट और उनके ब्लैकमेलिंग करने वाले मैसेज के सबूत भी हैं। वो मुझसे कहते थे कि दस लाख रुपये और दो वरना आपको एक भी रुपया नहीं मिलेगा।'
पलाश की फिल्म 'नजरिया' का पोस्टर। इसी फिल्म पर विज्ञान ने पैसे लगाए थे।
पलाश की मां बोलीं- मेरा किरदार ही हटा देंगी
विज्ञान ने पलाश ही नहीं, उनकी मां पर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा, कहते हैं, 'मुझे कहा गया था कि फिल्म 6 महीने में बनकर तैयार हो जाएगी, लेकिन अब डेढ़ साल हो गया है। सबसे अहम बात यह है कि मैं उस फिल्म में लीड रोल में था।
धीरज और अपूर्वा अरोरा के साथ मिलकर मैंने काम किया था और अब पलाश की मां मुझसे ही पूछ रही हैं कि तुम किस बात का पैसा मांग रहे हो? उन्हाेंने यह तक धमकी दी कि वो फिल्म से मेरा किरदार ही निकाल देंगे।
पहले वो मुझे पैसे के मामले में लगातार परेशान करते हुए अब मेरा रोल काटने की भी धमकी देते हैं। ये तो साफ-साफ ब्लैकमेलिंग है।'
पलाश ने हाल ही में एक्टर श्रेयस तलपदे के साथ एक नई फिल्म की घोषणा की है।
पलाश का बिजनेस इसी तरह चलता है
विज्ञान आगे और आरोप लगाते हुए कहते हैं, 'अब कुछ दिन पहले ही पलाश ने एक और फिल्म की घोषणा की है। सच्चाई यही है कि उसका बिजनेस इसी तरह चलता है। फिल्म की अनाउंसमेंट करो, इंवेस्टर्स से मिलो, उनसे पैसे उठाओ, पैसे खर्च न करके खा जाओ। फिल्म को बस आगे धकेलते रहो और फिर डब्बा बंद कर दो।
पलाश जैसे लोग पूरी इंडस्ट्री का नाम खराब करते हैं। वो फ्रॉड आदमी है। पूरी दुनिया को भी पता है कि वह किस लायक है, कितना गिरा हुआ इंसान है।'
पलक मुछाल के चैरिटी फाउंडेशन पर भी लगाए आरोप
विज्ञान ने आगे पलाश की बहन पलक के चैरिटी फाउंडेशन पर भी हेराफेरी करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'चैरिटी दिखाना अलग बात है और असल में करना अलग चीज है। पलक के फाउंडेशन की सच्चाई ही अलग हैं। उनकी जो भी इनकम आती है उस पर 30% इनकम टैक्स देना पड़ता है।
जिस संस्था को उन्होंने रजिस्टर किया हुआ है, उसी के नाम पर चैरिटी दिखाकर वे अपना टैक्स बचाते हैं। साथ में इलाज करवाने के नाम पर लोगों से भी पैसे इकट्ठा करते हैं। फिर वही पैसे संस्थान में डालकर अपना ही टैक्स बचा लेते हैं। सोशल इमेज भी बन गई और टैक्स भी नहीं देना पड़ा।
चैरिटी के नाम पर जो पैसे आते हैं, वे घूम-फिरकर उन्हीं के काम में लग जाते हैं। ऐसे दिखाया जाता है कि फलाने का हार्ट ऑपरेशन किया और फलाने का इलाज करवाया। हकीकत यह है कि अगर उन्हें 10 करोड़ मिले तो उसमें से 3 करोड़ की चैरिटी दिखाकर ऑपरेशन के नाम पर बिल वगैरह बनाकर बाकी पैसे खुद ही रख लेते हैं।'
- पलाश, स्मृति मंधाना के नाम और फेम का इस्तेमाल करके लोगों से पैसा उठाता था। जब स्मृति ने उसे अपनी लाइफ से बाहर किया तब उसकी असलियत सामने आई।
- एक वक्त था जब पलाश मुझसे दो से तीन हजार रुपये तक मांगता था।
- उसने इंडस्ट्री के कई लोगों का पैसा नहीं लौटाया है। उसका तरीका यही है लोगों से पैसे उठाओ, फिर फोन मत उठाओ और नंबर ब्लॉक कर दो।
- पलाश की मम्मी के साथ तो मेरा बेहद बुरा अनुभव है। वह पूरी तरह से ब्लैकमेलिंग करने वाली प्रवृत्ति की हैं।
नोट: इस पूरे मामले पर जब अमर उजाला ने जब पलाश से उनका पक्ष जानने की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।