Sukesh Chandrashekhar: 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ठग सुकेश को जमानत, कोर्ट ने रखी ये शर्तें
Money Laundering Case Sukesh Chandrashekhar: दिल्ली की एक अदालत ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जमानत दे दी है। इसके साथ ही अदालत ने कुछ जमानत की शर्तें भी रखी हैं। जानिए क्या है पूरा मामला?
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विस्तार
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि लंबे समय तक बिना वजह जेल में रखना व्यक्ति की आजादी और जल्द सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन है। लेकिन जमानत के साथ ही अदालत ने कुछ खास शर्तें भी रखी हैं।
अदालत का फैसला
अदालत के आदेश के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर को 5 लाख रुपये के मुचलके और उतनी ही जमानत राशि जमा करने पर रिहा किया जाए।
जमानत की शर्तें-
- वह गवाहों से संपर्क नहीं करेगा और उन्हें प्रभावित नहीं करेगा।
- जांच अधिकारी को अपना पता और मोबाइल नंबर देना होगा।
- अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करना होगा।
- बिना अदालत की अनुमति के देश नहीं छोड़ सकेगा।
क्या है पूरा मामला?
यह केस 200 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने और उसके पैसे को वैध बनाने (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़ा है। सुकेश चंद्रशेखर, उनकी पत्नी लीना मारिया पॉल और कुछ लोगों पर संगठित अपराध (MCOCA कानून) के तहत भी आरोप लगे हैं। पुलिस के मुताबिक, सुकेश ने AIADMK नेता टीटीवी दिनाकरन के लिए बिचौलिए का काम किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव चिह्न हासिल करने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के एक अधिकारी को रिश्वत देने की कोशिश की। इस काम के लिए 1.3 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए गए थे।
जमानत मिलने के बावजूद जेल से ही रहेंगे सुकेश
जमानत मिलने के बाद भी सुकेश अभी जेल में बाहर नहीं आ सकेंगे। दलअसल, सुकेश चंद्रशेखर को एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत तो मिल गई है, लेकिन बाकी मामलों की वजह से वह अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। उनके खिलाफ कुल 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 26 मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। लेकिन 5 मामले अभी भी लंबित हैं, जिनमें वह जेल में हैं। इसलिए इस एक मामले में जमानत मिलने से उनकी रिहाई नहीं होगी।