राम गोपाल वर्मा ने 'धुरंधर 2' और 'टॉक्सिक' के क्लैश को लेकर किया पोस्ट, यश-रणवीर की फिल्म को लेकर कही ये बात
Dhurandhar 2 vs Toxic: रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' और यश की 'टॉक्सिक' 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही हैं। इन दोनों फिल्मों की रिलीज के क्लैश को लेकर निर्माता-निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने एक खास पोस्ट शेयर किया है।
विस्तार
राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' की तारीफ की थी। वहीं आज राम गोपाल वर्मा ने यश की फिल्म 'टॉक्सिक' और रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' की एक ही दिन में रिलीज को लेकर एक खास पोस्ट शेयर किया है। निर्देशक ने इसे 'धुरोक्सिक' नाम देते हुए दोनों फिल्मों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
कैसा होगा दो फिल्मों का टकराव?
राम गोपाल वर्मा ने रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2' और यश की फिल्म 'टॉक्सिक' के बीच 19 मार्च 2026 को होने वाले बड़े बॉक्स ऑफिस टकराव पर अपनी राय दी है। उन्होंने एक्स पर अपनी राय शेयर की है। निर्देशक ने इसे मजेदार नाम दिया है- 'धुरोक्सिक'। निर्देशक ने लिखा कि यह सिर्फ दो फिल्मों की रिलीज का टकराव नहीं, बल्कि यह भारतीय सिनेमा का 'प्रलय का दिन' होगा।
. #Dhuroxic on March 19th will be the ultimate clash between ultra realistic cinema and ultra unrealistic cinema
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) January 13, 2026
D is built on cause , leading to effect and consequence.
It reveals that violence has moral, psychological, and political foundations.
The Characters act because they…
कैसी होगी 'धुरंधर 2'?
राम गोपाल वर्मा ने 'धुरंधर 2' को लेकर लिखा, 'धुरंधर 2' एक यथार्थवादी (ultra-realistic) सिनेमा है। इसमें कहानी असली जिंदगी पर आधारित है। हिंसा इसलिए होती है क्योंकि जरूरत है, न कि सिर्फ दिखावे के लिए। हीरो एक आम इंसान है, जो वक्त आने पर गलती कर सकता है, घायल हो सकता है और हार भी सकता है। फिल्म दर्शकों को भावनाओं से जोड़ती है।'
'टॉक्सिक' को लेकर राय
वहीं कन्नड़ एक्टर यश की फिल्म 'टॉक्सिक' को लेकर राम गोपाल वर्मा ने लिखा, 'यह बहुत अवास्तविक (ultra-unrealistic) फिल्म है क्योंकि इसमें स्टाइल और कूलनेस पहले आती है और लॉजिक बाद में। हिंसा सिर्फ एटीट्यूड दिखाने के लिए है। हीरो बुलेटप्रूफ है, कभी हारता नहीं, दुनिया उसकी पूजा करती है। फिल्म दर्शकों को सिर्फ एक्साइटमेंट देना चाहती है, गहरी भावनाएं नहीं। कैमरा हीरो को भगवान जैसा दिखाने की कोशिश करता है।'
19 मार्च को होगा दोनों फिल्मों का फैसला
19 मार्च को 'धुरंधर 2' और 'टॉक्सिक' रिलीज के बाद कई सवालों का जवाब देंगी। राम गोपाल वर्मा ने लिखा, 'क्या आज भी लोग अंधेरे, स्लो-मोशन में चलने वाले हीरो को पसंद करेंगे? या फिर सिर्फ तमाशा दिखाने वाली हिंसा को लोग स्वीकार करेंगे?' उन्होंने आगे लिखा, 'दोनों फिल्में साथ देखना ऐसा होगा जैसे एक तरफ युद्ध का मैदान हो और दूसरी तरफ फैशन शूट। एक फिल्म (धुरंधर) दिल को छूती है और दूसरी (टॉक्सिक) सिर्फ कैमरे के लिए पोज देती है।'
सच्चाई और स्टाइल में किसकी होगी जीत?
राम गोपाल वर्मा ने आगे लिखा, 'दोनों फिल्मों के बीच जो टकराव है, वो सच्चाई और स्टाइल को लेकर है।' राम गोपाल वर्मा ने आगे लिखा, 'इससे शायद दक्षिण भारतीय फिल्मों वाली 'नायक पूजा' (हीरो को भगवान बनाने की परंपरा) का अंत शुरू हो सकता है। दर्शक अब भगवान नहीं, बल्कि आम इंसान वाला हीरो चाहते हैं। या फिर उल्टा भी हो सकता है। यह तो 19 मार्च को ही पता चलेगा, जब 'धुरोक्सिक' का फैसला दर्शक करेंगे।'
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