Jiah Khan Case: जिया खान आत्महत्या केस की सुनवाई हुई पूरी, इस दिन अदालत सुना सकती है फैसला
जिया खान की मां राबिया की अपील पर सुनवाई के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया था।
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने अभिनेत्री जिया खान आत्महत्या मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। एक दशक पहले तीन जून 2013 को जिया को उनकी मां राबिया खान ने मुंबई के जुहू इलाके में अपने घर की छत से लटका पाया था। अभिनेत्री के कमरे से छह पन्नों का सुसाइड नोट मिलने के बाद उनके तत्कालीन बॉयफ्रेंड अभिनेता सूरज पंचोली को जुहू पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। कहा जाता है कि इस नोट मेंं यह बात सामने आई थी कि दोनों के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। सूरज के खिलाफ इसे सबसे बड़ा सबूत माना गया था।
हालांकि, जिया की मां राबिया खान ने जांच में खामियों का आरोप लगाया था और मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग की थी। राबिया की अपील पर सुनवाई के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया था। हालांकि, सीबीआई ने भी निष्कर्ष निकाला कि यह हत्या का मामला नहीं था, जैसा कि राबिया द्वारा आरोप लगाया जा रहा था। जांच में यह निष्कर्ष निकला कि यह आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला था।
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राबिया ने तब फिर से बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और मांग की थी कि चूंकि जिया एक अमेरिकी नागरिक थीं, इसलिए मामला एफबीआई को सौंप दिया जाए। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी दलील को खारिज कर दिया था। गुरुवार को विशेष सीबीआई न्यायाधीश एए सय्यद ने मामले में की गई अंतिम दलीलें सुनीं, जबकि राबिया के वकील ने दो गवाहों को वापस बुलाने की मांग करते हुए एक आवेदन किया गया, लेकिन सीबीआई ने यह कहते हुए राबिया के इस आवेदन का विरोध किया कि पहले ही गवाहों की लंबी जांच की जा चुकी है।
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सीबीआई ने यह भी कहा कि राबिया के पास व्यक्तिगत रूप से इस तरह का अनुरोध करने का अधिकार नहीं है। जज ने सीबीआई से सहमति जताई और राबिया के अनुरोध को खारिज कर दिया। दूसरी ओर, सूरज पंचोली ने भी अक्टूबर 2014 की एक फोरेंसिक रिपोर्ट से डेटा मांगा था और यह भी अनुरोध किया कि फोरेंसिक विशेषज्ञ से इसकी जांच कराई जाए। सीबीआई ने इस आवेदन का भी विरोध किया था। अब इस मामले में 10 साल बाद 28 अप्रैल को फैसला सुनाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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